Jharkhand

झारखंड में छात्र आंदोलन: छात्रों ने कैसे और क्यों बनाया शिबू सोरेन के संघर्ष को वैचारिक हथियार,किसकी बात पर देवेंद्र ने तोड़ा अनशन 

Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Senior Journalist

धनबाद(DHANBAD) :  झारखंड में छात्र आंदोलन को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर दबाव बनाने के लिए स्वर्गीय शिबू सोरेन के संघर्ष और आदर्शों को आंदोलनकारी अपना "वैचारिक हथियार" बना लिया है .  मंगलवार को जयपाल सिंह स्टेडियम में आंदोलन कर रहे छात्रों ने दिशोम  गुरु शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि देते हुए अल्बर्ट एक्का चौक तक मार्च किया. उनके हाथों में शिबू सोरेन की तस्वीर थी.  छात्र एकजुटता  का नारा लगा रहे थे.  अल्बर्ट एक्का  का चौक पर छात्रों ने शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि दी.  सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह उनपर  फूल बरसा कर उनका स्वागत किया.

छात्र आंदोलन पर मुख्यमंत्री ने क्या कहा है 
 
दूसरी ओर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों के प्रति सकारात्मक रुख  अपनाया है.  उन्होंने कहा है कि सरकार इस पूरे मामले को गंभीरता से देख रही है.  छात्रों द्वारा उठाए गए प्रश्नों और आशंकाओं पर लगातार विचार किया जा रहा है.  जल्द ही ऐसा  फैसला ले लिया जाएगा, जिससे  छात्रों की शंकाओं   का समाधान हो जाएगा और उनका विश्वास कायम रहेगा।  उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के  भविष्य को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है.  परीक्षा प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी हो, यह  सरकार की प्राथमिकता है.  कहा कि जांच जारी है, टीम सक्रिय रूप से काम  कर रही है.  सरकारी सुनिश्चित  करेगी कि किसी भी अभ्यर्थी के साथ अन्याय नहीं हो. दूसरी ओर छात्रों ने शिबू सोरेन के संघर्ष को अपना "वैचारिक हथियार" बना लिया है.  

छात्र शिबू सोरेन के ऐतिहासिक संघर्ष को याद कर रहे

छात्र शिबू सोरेन के महाजनी  प्रथा और अधिकारों के लिए लड़े गए ऐतिहासिक संघर्ष को याद कर रहे हैं.  कह रहे हैं कि जैसे गुरु जी ने शोषितों के लिए लड़ाई लड़ी, वैसे ही आज के युवाओं को उनके बताए रास्ते पर चलकर न्याय मांगना होगा। छात्र यह भी कह  रहे हैं कि हेमंत सोरेन, शिबू सोरेन के पुत्र हैं.  आंदोलनकारी छात्रों का तर्क है कि वह झारखंड के दर्द और युवाओं की उम्मीदों को बेहतर समझ सकते हैं.  छात्र शिबू सोरेन के  नाम का उपयोग राजनीतिक विरोध के बजाय   नैतिक दबाव और अपील के रूप में कर रहे है. 

देवेंद्र नाथ महतो ने खत्म किया अपना अनशन ,अब आगे क्या 

इधर  पता चला है कि छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो पिछले चार दिनों से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनशन पर बैठे थे.  उन्होंने बुधवार को अपना अनशन तोड़ दिया है.  इसके पहले उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से वीडियो कॉल के जरिए बातचीत की.  उन्होंने छात्रों की मांगों और आंदोलन की स्थिति बताई, देवेंद्र नाथ महतो की बिगड़ती सेहत पर चिंता जताते हुए सोनम वांगचुक ने अनशन  समाप्त करने की अपील की.  सोनम वांगचुक से वीडियो कॉल पर बातचीत के बाद देवेंद्र नाथ महतो  ने चार दिन दिनों से जारी अपना अनशन समाप्त कर दिया है.