धनबाद : कहते हैं कि सपनों को सच करने के लिए केवल मेहनत ही नहीं, बल्कि सही समय पर लिया गया दृढ़ फैसला भी जरूरी होता है. झरिया के चौथाई कुल्ही, भालगोड़ा 2 नंबर चानक निवासी विकास कुमार सिंह और उनकी पत्नी कोमल कुमारी सिंह ने अपनी मेहनत और लगन से यह साबित कर दिया है. 70वीं बीपीएससी परीक्षा के परिणाम में दोनों ने शानदार सफलता हासिल कर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है.
चयनित होकर बड़ी उपलब्धि दर्ज की
70वीं बीपीएससी परीक्षा में विकास कुमार सिंह का चयन प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी (BPRO) के पद पर हुआ है। उन्होंने 1058वीं रैंक प्राप्त की है। वहीं उनकी पत्नी कोमल कुमारी सिंह ने 489वीं रैंक हासिल कर डीएसपी (उप पुलिस अधीक्षक) पद के लिए चयनित होकर बड़ी उपलब्धि दर्ज की है.
ऐतिहासिक सफलता में बदला फैसला
इस सफलता की सबसे खास बात यह है कि दोनों ने अपनी शादी के ठीक अगले दिन बीपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा दी थी. जहां आमतौर पर नवविवाहित जोड़े शादी के बाद की रस्मों और पारिवारिक कार्यक्रमों में व्यस्त रहते हैं, वहीं विकास और कोमल ने अपने भविष्य और सपनों को प्राथमिकता देते हुए परीक्षा केंद्र पहुंचने का निर्णय लिया. उस समय लिया गया उनका यह फैसला आज ऐतिहासिक सफलता में बदल गया है.
बेगूसराय की रहने वाली कोमल कुमारी सिंह पहले राजस्व कर्मचारी के पद पर कार्यरत थी. हालांकि उनका लक्ष्य प्रशासनिक सेवा में जाना था. इसी सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने नौकरी छोड़कर पूरी तरह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की. लगातार मेहनत और समर्पण के बल पर उन्होंने दूसरे प्रयास में डीएसपी बनने का सपना साकार कर लिया.
वहीं विकास कुमार सिंह ने अपनी सफलता का श्रेय परिवार के सहयोग और मार्गदर्शन को दिया है. उन्होंने बताया कि उनके बड़े भाई सूरज कुमार सिंह ने हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया और कठिन समय में भी लक्ष्य से भटकने नहीं दिया. परिवार के समर्थन ने उनकी तैयारी को मजबूत बनाया.
उपलब्धि से परिवार में खुशी का माहौल
दंपति की इस उपलब्धि से परिवार में खुशी का माहौल है. उनकी मां ने भी बेटे और बहू की सफलता पर गर्व जताते हुए इसे पूरे परिवार के लिए गौरव का क्षण बताया.
विकास और कोमल की यह प्रेरणादायक कहानी उन हजारों युवाओं के लिए मिसाल है जो कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने सपनों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. दोनों ने साबित कर दिया कि मजबूत इरादे, धैर्य और निरंतर मेहनत के बल पर हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है.
रिपोर्ट - नीरज कुमार
