Jharkhand

बैंक रिकवरी एजेंटों के उत्पीड़न के बाद कारोबारी की मौत, झरिया में फूटा गुस्सा

Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Senior Journalist

धनबाद: बैंक रिकवरी एजेंटों की गुंडागर्दी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. बैंक रिकवरी एजेंटों की गुंडागर्दी कोई नई बात नहीं है.लेकिन जब ऐसी गुंडागर्दी किसी जान ले ले तो मामला गंभीर हो जाता है.इसी तरह  की गुंडागर्दी की वजह से मानसिक तनाव में पड़े झरिया के कारोबारी की मौत हो गई है. हालांकि बैंक रिकवरी एजेंटों के दबाव से परेशान कारोबारी सचिन केसरी को बचाने की परिवार वालों ने पूरी कोशिश की. 

उन्हें बेहतर इलाज के लिए रांची ले जाया गया. लेकिन सूचना के मुताबिक उनकी मौत हो गई है. आरोप है कि पांच युवक, जो अपने आप को बैंक रिकवरी एजेंट बता रहे थे,शनिवार को कारोबारी और उनकी पत्नी के साथ गाली गलौज की. कारोबारी को बेइज्जत किया.धमकी दी. इस वजह से सचिन केसरी को ब्रेन स्ट्रोक पड़ा .घर वालों ने उसे बेहतर इलाज के लिए रांची ले गए. उसके बाद कारोबारी के भाई ने झरिया थाने में लिखित शिकायत की. झरिया थाने में की पुलिस हरकत में आई और दो एजेंट को हिरासत में लिया. 

बताया गया है कि शनिवार को पांच युवक के अपने को बैंक रिकवरी एजेंट बताते हुए सचिन केसरी के दुकान पर पहुंचे. उन्होंने गाली गलौज शुरू कर दी. कहा कि बैंक का लोन पेंडिंग है .जब कारोबारी और उनकी पत्नी ने उनके बर्ताव का विरोध किया, तो गाली गलौज और मारपीट पर उतर आए. इसके बाद सचिन केसरी बीमार पड़ गए. उन्हें तत्काल झरिया के एक अस्पताल ले जाया गया. लेकिन उनकी स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने रांची रेफर कर दिया.

 इस बीच पता चला है कि उनकी मौत हो गई है. मौत की खबर मिलते ही झरिया के दुकानदारों ने विरोध में अपनी दुकान बंद कर दी. पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही शव झरिया कोयरी बांध स्थित आवास पहुंचा, पूरे मोहल्ले में मातम छा गया. परिजनों का आरोप है कि शनिवार को एक निजी बैंक के रिकवरी एजेंट ने लोन वसूली को लेकर सचिन केसरी पर अत्यधिक दबाव बनाया था. लगातार आ रहे फोन कॉल और मानसिक उत्पीड़न के कारण वह गहरे तनाव में आ गए और दुकान में ही उन्हें ब्रेन हेमरेज हो गया था. उन्हें ले जाकर रांची भर्ती कराया गया था .जहां उन्होंने दम तोड़ दिया.