धनबाद (DHANBAD): कोयला चोर और तस्करों के उत्पात से परेशान कोयला अधिकारी अब संगठन की शरण में हैं. उनका कहना है कि कोयला चोर-तस्करों और उपद्रवियों की करतूत के बीच भय के माहौल में काम करना उनके लिए मुश्किल हो रहा है. जानकारी के अनुसार कोल् माइंस ऑफिसर्स एसोसिएशन की आपातकालीन बैठक हुई है. इस बैठक में कोयला तस्करों और उपद्रवियों पर तत्काल अंकुश लगाने की मांग की गई है.
भय के माहौल में काम करना हुआ मुश्किल
कहा गया है कि भय के माहौल में काम करना अब उनके लिए कठिन हो गया है. इस बैठक में बड़ी संख्या में क्षेत्रीय महाप्रबंधक और अधिकारी शामिल हुए. अधिकारियों ने कहा कि काम करने का माहौल लगातार बिगड़ रहा है. कोयला चोर और तस्कर निरंकुश हो गए हैं. जब भी कार्रवाई की जाती, हमले कर दिए जाते हैं. संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध खनन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाया जाए और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाए. बीसीसीएल के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें भय मुक्त वातावरण में काम करने की स्थिति तैयार की जाए. उन्हें उचित सुरक्षा मिले.
संगठन का एक प्रतिनिधिमंडल मिलेगा अधिकारीयों से
संगठन का एक प्रतिनिधिमंडल प्रशासन एवं पुलिस के अधिकारियों से मिलकर अपनी बात रखेगा. दरअसल, कोयला अधिकारियों पर ताबड़तोड़ हमले हो रहे हैं. हाल के दिनों में कई घटनाएं हुई हैं. गोविंदपुर क्षेत्र में महाप्रबंधक स्तर के अधिकारियों पर सीआईएसएफ की सुरक्षा घेरे में हमला बोला गया था. इस हमले में अधिकारियों को अगवा करने की भी कोशिश की गई थी. उसके बाद कतरास क्षेत्र के महाप्रबंधक पर बीच रास्ते में हमले का प्रयास किया गया. इधर, कोयला चोरी के खिलाफ प्रबंधन भी कड़ा रुख अख्तियार किए हुए है, तो कोयला मंत्रालय भी बीसीसीएल में कोयला चोरी को लेकर गंभीर है. ऐसे में कोयला अधिकारी अपनी सुरक्षा की मांग कर रहे हैं.
