धनबाद(DHANBAD): झारखंड में बिजली कर्मचारियों की बुलंद आवाज सोमवार को हमेशा -हमेशा के लिए शांत हो गई. झारखंड राज्य बिजली कामगार यूनियन के महामंत्री रामकृष्णा सिंह का निधन हो गया है. जानकारी के अनुसार कोलकाता में उन्होंने आज अंतिम सांस ली. फिलहाल वह कुछ महीनो से बीमार चल रहे थे. राम कृष्ण सिंह बिजली कर्मचारियों के लिए दशकों से लड़ाई लड़ते रहे. वह बिजली विभाग में नौकरी की, उसके बाद मजदूरों के शोषण को देखते हुए यूनियन बनाया और उसके बाद लगातार सक्रिय रहे. उनका कहना था कि झारखंड में बिजली विभाग में कम से कम 15000 कर्मचारियों की आवश्यकता है. लेकिन मात्र साढ़े चार हजार कर्मचारियों के भरोसे बिजली विभाग का काम चल रहा है. राम कृष्ण सिंह पूर्व सांसद एके राय से भी जुड़े रहे,विधायक गुरुदास चटर्जी से भी उनके अच्छे सरोकार थे. बिजली कर्मियों की किसी मांग के लिए लड़ाई लड़ना उनके स्वभाव में था. अपने सेवा काल में आंदोलन की वजह से कई बार वह सेवा से बर्खास्त भी हुए, लेकिन फिर कोर्ट के आदेश पर उनकी नौकरी बहाल हुई थी.
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