Jharkhand

धंसान पर राजनीति ठीक नहीं है हुजूर! सांसद -विधायक -मंत्री सब पहुंचे लेकिन हालात क्यों है जस की तस 

Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Senior Journalist

धनबाद(DHANBAD):  कोयलांचल के जर्रे जर्रे में भू धंसान  की घटनाएं हो रही हैं.  घटनाओं पर राजनीति भी खूब हो रही है.  कतरास के छाताबाद के मामले को देखा जाए तो "धंसान  की राजनीति" का यह इलाका  केंद्र बना हुआ है.  धंसान  की घटना होने के बाद सांसद ढुल्लू महतो  भी पहुंचे, तो कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल भी गया. आरोप -प्रत्यारोप खूब हुए.  झामुमो  के नेता और मंत्री भी पहुचें. दरअसल, सरकार के दो मंत्री छाताबाद  का दौरा कर चुके हैं.  एक कांग्रेस कोटे  के मंत्री हैं, तो दूसरे झामुमो कोटे  के मंत्री हैं.  कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल के साथ स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी पहुंचे थे.  तो झारखंड सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हफीजुल हसन अंसारी भी इलाके का दौरा किया.

 फिर भी आशियाना बचाओ बैनर तले अनिश्चितकालीन धरना कार्यक्रम चल रहा है.  अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ने कहा कि छाताबाद के   एक-एक पीड़ित परिवार को न्याय दिलाएंगे, झारखंड मुक्ति मोर्चा सभी परिवार को सहयोग करेगा।  अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री के साथ टुंडी के विधायक मथुरा महतो भी पहुंचे थे.  उल्लेखनीय है कि 7 जुलाई को कतरास के छाताबाद  में भू -धंसान  की बड़ी घटना हो गई थी.  कई घर जमीनदोज  हो गए थे.  कुछ लोग फंस गए थे, जिन्हे  जान पर खेल कर बाहर निकाला  गया था.  इसके बाद से ही विस्थापित  आंदोलन कर रहे हैं.  

इधर, सूत्र बता रहे हैं कि अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री की अध्यक्षता और टुंडी विधायक मथुरा महतो की मौजूदगी में सोमवार को छाताबाद  के भू -धंसान  प्रभावित परिवारों, बीसीसीएल और जरेडा  के बीच करीब 4 घंटे बैठक हुई है.  प्रभावित परिवारों की मांग पर धंसान  क्षेत्र का आईआईटी आईएसएम से सर्वेक्षण कराकर डेंजर जोन का सीमांकन करने और एक माह में रिपोर्ट देने पर सहमति बनी है.  सर्वे में मस्जिद, मदरसा, ईदगाह और स्कूल को भी शामिल करने की बात तय हुई है.  मंत्री हफीजुल हसन अंसारी ने कहा कि वह मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के रूप में आए है.  राज्य सरकार के लिए डेंजर जोन में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. 

 इधर, धनबाद -झरिया मुख्य मार्ग पर बंद आरएसपी कॉलेज के पीछे स्थित कामिनी कल्याण बस्ती का खतरा बढ़ता जा रहा  है.  पहले की घटना के बाद सोमवार को भी तीन और घरों में दरार पड़ गई.  जिससे  बस्ती में अफरातफरी  मच गई.  शनिवार को जिन एक दर्जन से अधिक मकान में दरारें आई थी, वह   लगातार बढ़ रहा है.  दरअसल, बरसात कोयलांचल के लिए बड़ा खतरा लेकर आता है.  धंसान  के लिए अवैध  खनन और ब्लास्टिंग को जिम्मेवार बताया जा रहा है.  यह बात भी सच है कि कोयलांचल के कई हिस्सों की जमीन खोखली हो गई है और बरसात का पानी प्रवेश करते ही धंसान  की घटना हो जाती है.  तालाब के तालाब जमीन में समा जा रहे है.  लोगों के घर ढह  जा रहे हैं, लोगों की जाने जा रही है और विस्थापन और पुनर्वास का खेल बदस्तूर  जारी है.