धनबाद(DHANBAD): बिहार हो अथवा झारखंड, धनबाद की हकमारी हमेशा हुई है और अभी भी हो रही है. यह अलग बात है कि धनबाद में अब नई बयार बह रही है और धनबाद की हकमारी के खिलाफ झारखंड के कम से कम सात विधायक बुधवार को एक मंच पर जुटेंगे. विकास के दावों का पुर्जा -पुर्जा खोलेंगे, धनबाद में विकास मंच का गठन हुआ है. इस मंच की खासियत यह है कि यह दलगत भावना से ऊपर उठकर गठित की गई है और बुधवार को धनबाद के रणधीर वर्मा चौक पर एक दिवसीय धरना होगा.
इस धरना कार्यक्रम को लोग सांसद ढुल्लू महतो के विकास के दावों से भी जोड़कर देख रहे है. अवैध कोयला उत्खनन और धंसान की घटनाओं से भी जोड़कर देख रहे है. धनबाद में एयरपोर्ट का नहीं होना, सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल का नहीं होना, दिल्ली के लिए सीधी ट्रेनों का नहीं होना भी इस मंच के एजेंट में शामिल है. यह अलग बात है कि यह मंच तात्कालिक है अथवा दीर्घकालीन , यह आने वाला वक्त ही बताएगा। लेकिन धनबाद में बहुत दिनों के बाद पहली बार प्रयास हो रहा है और इस प्रयास के अगुवा बने हैं निरसा विधायक।
चुकि निरसा विधायक और सांसद के बीच अभी राजनीतिक लड़ाई छिड़ी हुई है. इसलिए भी इसको सांसद से जोड़कर देखा जा रहा है. निरसा विधायक अरूप चटर्जी के अनुसार यह धरना राजनीतिक नहीं होगा, किसी दल का नहीं होगा बल्कि तिरंगा के नीचे सभी लोग एकत्रित होंगे और धनबाद कैसे विकसित हो, इस पर चर्चा होगी. अरूप चटर्जी के अनुसार इस धरने में पक्ष और विपक्ष के विधायक शामिल हो सकते हैं. जिनमें उन्होंने विधायक राज सिन्हा , विधायक रागिनी सिंह, विधायक बबलू महतो, डुमरी विधायक जयराम महतो, जमशेदपुर पश्चिमी विधायक सरयू राय, कांग्रेस के बेरमो विधायक अनूप सिंह शामिल हो सकते हैं.
यह बात भी सच है कि लगभग सभी विधायकों से सांसद ढुल्लू महतो का प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष विवाद हो चुका है. ऐसे में सब अगर एकजुट हो रहे हैं, तो एक नया फ्रंट तैयार हो सकता है. वैसे भी, धनबाद में 2029 के चुनाव को लेकर अभी से ही गोलबंदी शुरू हो रही है. बता दें कि 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने ढुल्लू महतो को टिकट दिया और वह विजई रहे. इसके पहले वह बाघमारा से तीन पर के विधायक रह चुके हैं.
