Jharkhand

फिर उबलने लगी है पंडित नेहरू की "ड्रीम सिंदरी"प्रदर्शन, शव यात्रा के बाद अब आगे क्या ?

Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Senior Journalist

धनबाद(DHANBAD): देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित नेहरू की "ड्रीम सिंदरी" उबल रही है.  सिंदरी बचाने को एक बार फिर संघर्ष शुरू हो गया है.  2002 में कारखाना बंद होने के बाद भी सिंदरी में उबाल आया था, लेकिन धीरे-धीरे सिंदरी शांत हो गई थी. लेकिन एक बार फिर सिंदरी सड़क पर है और न्याय मांग रही है.  एफसीआई प्रबंधन सिंदरी के लोगों के निशाने पर है.  सिंदरी बचाओ संघर्ष मोर्चा के बैनर तले  मनोहरटांड़ के स्थानीय लोगों ने एफसीआई प्रबंधन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किय.  आंदोलनकारियों ने एफसीआई प्रबंधन की प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाली और रोड़ाबांध चौक पर हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार पुतला दहन कर विरोध जताया। यह सब हुआ गुरुवार को. 

प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला और पुरुष शामिल हुए.  एफसीआई क्वार्टरों का किराया बढ़ाए जाने और क्वार्टरों को तोड़ने के लिए टेंडर जारी किए जाने के विरोध में लोगों में काफी आक्रोश देखा गया.  प्रदर्शनकारियों ने एफसीआई प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए फैसलों को तत्काल वापस लेने की मांग की।संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष रविंद्र सिंह ने कहा कि एफसीआई प्रबंधन सिंदरीवासियों के साथ अन्याय कर रहा है.  प्रबंधन को अपनी मांगों से अवगत कराने और चेतावनी देने के लिए पहले मशाल जुलूस निकाला गया और अब प्रतीकात्मक शव यात्रा के जरिए विरोध दर्ज कराया गया है. 

उन्होंने कहा कि यदि इसके बावजूद प्रबंधन ने लोगों की मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की, तो सिंदरीवासी उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।, भाजपा नेता धर्मजीत सिंह ने भी एफसीआई प्रबंधन से सिंदरी के लोगों के साथ कथित तौर पर किए जा रहे अत्याचार को बंद करने की मांग की.  उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द मांगों पर पहल नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर एफसीआई के कामकाज को बाधित करने की दिशा में भी कदम उठाया जा सकता हैं. प्रदर्शन के दौरान रोड़ाबांध चौक पर काफी देर तक गहमागहमी बनी रही.  आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि क्वार्टरों के किराये में वृद्धि और आवास तोड़ने के प्रस्ताव के खिलाफ उनका आंदोलन मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा