☰
Jharkhand

बेटे की चाहत में उजड़ गया परिवार! भ्रूण जांच से अवैध गर्भपात तक,पढ़िए कैसे तबाही के कगार पर पहुंच गया परिवार?

Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Senior Journalist

धनबाद(DHANBAD): धनबाद में बड़े पैमाने पर भ्रूण जाँच का सिंडिकेट चल रहा है. इसके खुलासे के बाद चिकित्सा क्षेत्र में तरह -तरह की चर्चाएं चल रही है. इसी  क्रम में बेटे की चाहत में एक पिता ने ऐसा "कृत्य" किया कि  पत्नी की मौत हो गई, खुद जेल चला गया, पूरे परिवार पर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है. पति  सोनू केवट के सिर पर बेटे का "भूत" ऐसा सवार हुआ कि पूरा परिवार तबाही के कगार पर पहुंच गया है. हालांकि दोनों परिवार के रिश्ते पहले से भी अच्छे नहीं बताया जा रहा है.  कतरास के श्याम डीह  चौक के समीप सेंट्रल डायग्नोस्टिक में गर्भपात के दौरान किरण कुमारी की मौत के मामले में पुलिस ने उसके पति सोनू केवट, समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया. पेशी के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. 

 गिरफ्तार में पति का अलावे SNMMCH  की नर्स भी शामिल 

 गिरफ्तार आरोपियों में पति ,सेंट्रल डायग्नोस्टिक के संचालक सचिन केवट, रिलीफ डायग्नोस्टिक के अल्ट्रासाउंड स्टाफ विजय गोस्वामी और SNMMCH  की नर्स  सुलोचना देवी शामिल हैं.  अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है.  मृतका के पिता राजेंद्र कुमार केवट के आवेदन पर कतरास थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है.मृतका के पिता की शिकायत पर पति सोनू केवट, ससुर नेवालाल केवट, सास बिलो देवी, जेठ सुजन केवट और राजेश केवट, गोतनी भाग्य देवी और समित्रा देवी, ननद बबिता देवी, सेंट्रल डायग्नोस्टिक के संचालक सचिन केवट, शिवम पांडेय और श्रीनाथ, रिलिफ डायग्नोस्टिक के कर्मी विजय गोस्वामी और मालिक डॉ राजीव नयन, एसएनएमएमसीएच के तकनीशियन नितेश कुमार दान तथा नर्स सुलोचना कुमारी को आरोपित बनाया गया है.  

पति और ससुराल के अन्य सदस्यों के दबाव में कराया गया था परीक्षण 

पुलिस सूत्रों के अनुसार पति और ससुराल के अन्य सदस्यों के दबाव के बाद किरण कुमारी के गर्भ में पल रहे बच्चे की जांच कराई गई थी.  जांच में गर्भ में लड़की होने की जानकारी मिलने के बाद आरोपियों ने  गर्भपात कराने  का इंतजाम किया.  इसके लिए सेंट्रल डायग्नोस्टिक ने SNMMCH  की नर्स सुलोचना देवी को बुलाकर गर्भपात  कराया गया.  आरोप है कि  किरण का असुरक्षित गर्भपात कराया गया, जिस वजह से उसकी मौत हो गई.  इधर, सूचना है कि हरिहरपुर थाना क्षेत्र के खाटडीह  केवट टोला निवासी राजेंद्र कुमार केवट की इकलौती पुत्री किरण कुमारी का शव  पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार को उसके मायके  लाया गया.  शव  पहुंचते ही पूरे गांव में मातम पसर गया.  माता-पिता और अन्य परिजनों की चीख - पुकार से माहौल गमगीन हो गया था.  किरण के छोटे भाई ने मुखाग्नि  दी है. इकलौती बेटी को खोने के गम में पिता अपने आंसू नहीं रोक पा रहे है.

बेटी से हुई अंतिम बातों को याद कर रोने लगते हैं पिता 

बताया जाता है कि पिता से किरण कुमारी की अंतिम बातचीत हुई थी.  किरण  ने कहा था कि बेटी को भेज दिए है.  उसका अच्छी तरह से ख्याल रखिएगा, बेटी की आखिरी बातों को याद कर पिता रो पड़ते  है.  इस घटना के बाद कन्या भ्रूण जांच रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए है. पुलिस के अनुसार, 29 अक्तूबर की सुबह सूचना मिली थी कि किरण कुमारी (24), पति सोनू केवट, निवासी चलकरी बस्ती, पेटरवार (बोकारो) का शव श्यामडीह स्थित संजीवनी अस्पताल में रखा है. जांच में पता चला कि किरण गर्भवती थी. मृतका के पिता राजेंद्र कुमार केवट, निवासी कोरकट्टा, तोपचांची के लिखित आवेदन पर कतरास थाना में कांड संख्या 274/26 दर्ज किया गया. प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), पीसीपीएनडीटी एक्ट, 1994 और मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (एमटीपी) एक्ट की संबंधित धाराएं लगायी गयी हैं. इसके बाद मेडिकल टीम गठित कर शव का पोस्टमार्टम कराया गया.