Jharkhand

बेटिकट यात्रियों पर शिकंजा, धनबाद मंडल ने जुर्माना वसूली में बनाया नया रिकॉर्ड

Satya Bhushan Singh Dhanbad
Senior Journalist
बेटिकट यात्रियों पर शिकंजा, धनबाद मंडल ने जुर्माना वसूली में बनाया नया रिकॉर्ड

धनबाद(DHANBAD) : क्या रेलवे की व्यवस्था में अभी भी कहीं ना कहीं चूक  हो रही है.  जिस वजह से लगातार बेटिकट  यात्रियों की संख्या बढ़ रही है.  बेटिकट  यात्रियों से जुर्माने  की राशि  भी बढ़ रही है.  क्या ट्रेन में  टिकट लेकर चलने के नियमों का पालन करने के अनुरोध का भी कोई असर नहीं हो रहा है.  यह सब सवाल इसलिए उठ रहे हैं कि बिना टिकट यात्रियों से जुर्माना की राशि में लगातार बढ़ोतरी हो रही है.  इसके बाद यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या रेलवे को अपनी व्यवस्था की समीक्षा करने की जरूरत है? 

धनबाद रेल मंडल ने तोड़े अपने सारे रिकार्ड्स ----

अब अगर धनबाद रेल मंडल की ही बात कर ली जाए तो टिकट यात्रियों को पकड़ने के मामले में धनबाद रेल मंडल ने अपने सारे पुराने रिकॉर्ड को तोड़  दिया है.  मई  महीने में  अब तक की सर्वाधिक 3 करोड़ 22 लाख से अधिक रिकॉर्ड वसूली की गई है.  पिछले साल इसी महीने में 3.15 करोड रुपए की वसूली हुई थी.  जानकारी के अनुसार टिकट चेकिंग स्टाफ की अलग-अलग टीमों ने 47,560 बिना टिकट, बिना उचित टिकट या मानक से अधिक बिना बुक  लगेज लेकर चलने वाले यात्रियों को पकड़ा है और उनसे जुर्माना वसूल किया गया है. 

देश का सबसे बड़ा ट्रांसपोर्ट नेटवर्क है रेलवे ----

उल्लेखनीय है कि देश में हर दिन लाखों लोग ट्रेन से यात्रा करते है.  रेलवे को आम लोगों के लिए सबसे बड़ा ट्रांसपोर्ट नेटवर्क माना जाता है.  रेलवे का कहना है कि बिना बैध  टिकट या पास के ट्रेन में यात्रा करना कानून के खिलाफ है.  रेलवे एक्ट की धारा 137 के तहत ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सकती है.  इसमें जुर्माना के साथ-साथ जेल की सजा भी हो सकती है.  रेलवे के अनुसार कई लोग बिना टिकट यात्रा करके गलत फायदा उठाने की कोशिश करते हैं  जिससे  वैध यत्रियो  को परेशानी होती है.  इसलिए रेलवे लगातार अभियान चला रहा है, ताकि लोग नियमों का पालन करें और कानूनी तरीके से यात्रा करें।  भारतीय रेलवे एक्ट की धारा 137 के अनुसार बिना टिकट यात्रा करना दंडनीय अपराध है.  इस कानून के तहत अगर कोई व्यक्ति बिना टिकट ट्रेन में यात्रा करता हुआ पकड़ा जाता है, तो उसे पर जुर्माना लगाया जा सकता है.  जेल की सजा हो सकती है या दोनों सजाएं एक साथ भी दी जा सकती है.