Jharkhand

मेयर संजीव सिंह ने बिहार के मंत्रियों से की मुलाकात, क्या बदलने लगी कोयलांचल की राजनीति 

Satya Bhushan Singh Dhanbad
Senior Journalist
मेयर संजीव सिंह ने बिहार के मंत्रियों से की मुलाकात, क्या बदलने लगी कोयलांचल की राजनीति 

धनबाद (DHANBAD): धनबाद के मेयर और चर्चित सिंह मेंशन घराने के ध्वजवाहक संजीव सिंह क्या सचमुच अपना राजनीतिक पैंतरा बदल रहे हैं? धनबाद को "मिनी  बिहार" कहा जाता है और संजीव सिंह की राजनीति कोयलांचल के साथ-साथ बिहार में बढ़ रही है. अभी हाल ही में वह बिहार के आरा में जब ब्रह्मेश्वर मुखिया की पुण्यतिथि में शामिल हुए थे, तो चर्चा थी कि कोयलांचल की राजनीति में बदलाव के संकेत दिखने लगे है. इधर, फिर मेयर संजीव सिंह पटना के दौरे पर हैं और वह बिहार सरकार के भवन निर्माण विभाग के कैबिनेट मंत्री डॉ अशोक चौधरी से मुलाकात की है. बिहार सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान और पूर्णिया जिले के कस्बा विधानसभा के विधायक निशांत सिंह भी उनके साथ मौजूद थे. बताया गया है कि यह तो केवल शिष्टाचार मुलाकात थी, लेकिन राजनीतिक पंडित इसे अलग चश्मे से देख रहे है.

क्या बिहार के बहाने साधेगी कोयलांचल की राजनीति

बिहार की राजनीति की सक्रियता के दो मतलब निकाले जा रहे हैं. एक तो कोयलांचल की राजनीति को बिहार के बहाने साधने की कोशिश तो दूसरा क्या सूर्य देव सिंह की तरह सिंह मेंशन की नजर बिहार के आरा लोकसभा सीट पर है. दरअसल, 8 साल से अधिक समय तक जेल में रहने के बाद संजीव सिंह जब साक्ष्य के अभाव में  कोर्ट से बरी होकर निकले तो कोयलांचल की राजनीति में उनकी धमाकेदार वापसी हुई है. अब वह अपना कार्य क्षेत्र बढ़ाने की दिशा में लगातार  प्रयास कर रहे है.

चर्चित घराना सिंह मेंशन का बिहार के आरा से पुराना रिश्ता रहा है 

वैसे तो धनबाद के चर्चित घराना सिंह मेंशन का बिहार के आरा से पुराना रिश्ता रहा है. लेकिन मेयर संजीव सिंह के लगातार बिहार पहुंचने से कोयलांचल में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है. पूछा जा रहा है कि क्या कोयलांचल की राजनीति अब बदलने वाली है? क्या राजनीतिक समीकरण भी उलट पलट होंगे? मेयर संजीव सिंह चर्चित ब्रह्मेश्वर मुखिया की पुण्यतिथि में शामिल होने के लिए आरा गए हुए थे. ब्रह्मेश्वर मुखिया के गांव पहुंचकर श्रद्धांजलि सभा में हिस्सा लिया. संजीव सिंह के पिता सूर्यदेव सिंह आरा से लोकसभा का चुनाव भी लड़ चुके थे. यह अलग बात है कि चुनाव का परिणाम आने से पहले उनका निधन हो गया था. आरा में सूर्यदेव सिंह के चुनाव को याद करते हुए पुराने लोग बताते हैं कि जबरदस्त चुनाव प्रचार हुआ था. कोयलांचल से गाड़ियों का काफिला आरा पहुंचा था. बता दें कि सूर्य देव सिंह पहली बार लोकसभा का चुनाव आरा से लड़ा था. अब अगर कोयलांचल की बात की जाए तो मेयर चुनाव जीतने के बाद संजीव सिंह लगातार अपना राजनीतिक आधार बढ़ाने की कोशिश कर रहे है. इलाके में विस्तार कर रहे है.