Jharkhand

ढुल्लू महतो Vs अरूप चटर्जी: "गुरिल्ला युद्ध" की तर्ज पर क्यों और कैसे एक दूसरे पर भारी दिखने की हो रही तैयारी,15 जुलाई को क्या होगा

Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Senior Journalist

धनबाद: जिस तरह किसी भी सरकार को बनाने और बिगाड़ने के लिए रात के अंधेरे में बैठक होती है, लोग गुपचुप एक दूसरे से मिलते हैं, वही स्थिति फिलहाल धनबाद की राजनीति में दिख रही है. सांसद ढुल्लू महतो का सामने आकर विरोध नहीं करने वाले रात के अंधेरे में निरसा विधायक से मिल रहे हैं. निरसा विधायक के राजनीतिक विरोधी भी सांसद से मिल रहे है. कोई कुछ बताने को तैयार नहीं है. लेकिन 15 जुलाई को निरसा में सांसद और विधायक अपनी ताकत दिखाएंगे.

 जाहिर है सांसद के कार्यक्रम में भी निरसा के बाहर के लोग रहेंगे, तो विधायक के कार्यक्रम में भी  बाहर के लोग रहेंगे. मुद्दा तो फ्लाईओवर का है, लेकिन इसके पीछे असली मकसद ताकत और वर्चस्व  दिखाना और बढ़ाना  है. 15 जुलाई को सांसद और विधायक ने कार्यक्रम तय रखा है. ऐसे में प्रशासन भी अलर्ट मोड में है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए बुधवार को पुलिस की बड़ी तैनाती रहेगी. 

सांसद और विधायक समानांतर शक्ति प्रदर्शन की तैयारी में हैं. वैसे प्रशासन विधि व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुरी तैयारी कर रखा है. दोनों नेताओं से कार्यक्रम का समय बदलने का भी अनुरोध किया जा रहा है. दरअसल, सांसद ढुल्लू महतो और विधायक अरूप चटर्जी के बीच निरसा क्षेत्र में वर्चस्व की लड़ाई अब खुलकर सामने आ गई है. दोनों ने एक ही जगह पर एक ही दिन शक्ति प्रदर्शन करने की घोषणा की है .

सांसद, निरसा विधायक को फ्लाईओवर के निर्माण में बाधक बता रहे हैं, तो विधायक इस प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार का आरोप लगा रहे हैं. दोनों नेताओं के बीच चल रही तकरार से न केवल निरसा बल्कि पूरे कोयलांचल का राजनीतिक पारा चढ़ गया है. सांसद ढुल्लू महतो का कहना है कि भाजपा के अथक  प्रयास से गोविंदपुर और निरसा में एलिवेटेड रोड की मंजूरी मिली है. गोविंदपुर में काम चल रहा है, लेकिन निरसा में विधायक अपने निजी स्वार्थ के लिए निर्माण में रोड़ा अटका रहे हैं. लाल पार्टी का इतिहास ही कारखाने और उद्योगों को बंद कराने का रहा है. लेकिन जनता अब गोलबंद हो रही है. 

दूसरी ओर विधायक अरूप चटर्जी का कहना है कि माले माफिया तंत्र के खिलाफ लड़ती आई है. एलिवेटेड रोड की इस योजना के जरिए माफिया तत्व सप्लाई और जमीन पर कब्जा कर लूट मचाना चाहते हैं. वह इस प्रोजेक्ट को Barbendiya पुल की तरह भ्रष्टाचार की भेंट नहीं चढ़ने देंगे. उन्होंने कहा कि उनकी मांग सिर्फ इतनी है कि निर्माण कार्य भ्रष्टाचार मुक्त और क्वालिटी का होना चाहिए.