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Jharkhand

JSSC-CGL Exam: धनबाद -बोकारो की गोद में चल रहा था इतना बड़ा खेल और किसी को भनक तक नहीं थी,अब कैसे हुआ खुलासा ?  

Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Senior Journalist

धनबाद(DHANBAD):  धनबाद से सटे  बोकारो जिलों जिले का चंद्रपुरा प्रखंड पेपर लीक का "सीक्रेट हब" बना हुआ था और इसकी भनक किसी को नहीं थी.  जैसे-जैसे कार्रवाई आगे बढ़ रही है, प्याज के छिलके की भांति एक पर एक खुलासे  हो रहे हैं.  सूचना के अनुसार दुग्धा  से एक ही परिवार के तीन सदस्य सहित चार को गिरफ्तार किया गया है.  जानकारी के अनुसार CGL- 2023 घोटाले की जांच के दौरान सीआईडी ने अब तक 39 आरोपियों को गिरफ्तार किया है.  इनमें से चार  दुग्धा  के निवासी हैं.  उनके नाम दीपक कुमार ,उमेश राय, रितेश कुमार और सुरेश राय बताए जाते है.  

तीन दर्जन अभ्यर्थियों को प्रश्न और उत्तर रटवाने की चर्चा 

चारों पर राशि लेकर लगभग तीन दर्जन अभ्यर्थियों को प्रश्न और उत्तर रटवाकर  परीक्षा पास कराने का आरोप है.   इस गिरफ्तारी के बाद इलाके में चर्चा है कि इतना बड़ा खेल हो रहा था और अगल-बगल के लोगों को मालूम भी नहीं था.  10 अक्टूबर को सीआईडी ने बीसीसीएल से रिटायर्ड सुरेश राय को गिरफ्तार किया है.  वह बीसीसीएल के सेवानिवृत कर्मी हैं.  उन्हें सीआईडी ने दुग्धा  स्थित न्यू बीसीसीएल कॉलोनी के क्वार्टर से गिरफ्तार किया है. उनसे पहले उनके बेटे उमेश राय और दामाद दीपक कुमार को सीआईडी गिरफ्तार कर चुकी थी.  सूचना तो यह भी  है कि  सीआईडी की टीम सुरेश राय के बैंक खाते से 14 लाख  रुपए और उनके बेटे उमेश राय के बैंक खाते से ₹5,00,000 जब्त किये हैं. 

संदेह : प्रश्न- उत्तर रटवाने के एवज में ली गई थी बड़ी राशि 
  
यह रुपए 22 जनवरी को दोनों के खाते में आए थे.  जांच एजेंसी को संदेह है कि प्रश्न- उत्तर रटवाने  एवज  में यह रुपए अभ्यर्थियों से प्राप्त किए गए होंगें।  सूत्र बता रहे हैं कि सुरेश राय बीसीसीएल से 2 वर्ष पहले रिटायर हुए थे, लेकिन उन्होंने दुग्ध  स्थित बीसीसीएल कॉलोनी का आवास नहीं छोड़ा था.  अपना खर्च कर उस आवास  को और अधिक लग्जरी बना दिया था. जांच के अनुसार, दुग्दा की न्यू बीसीसीएल कॉलोनी के क्वार्टर नंबर M-25/3 को मुख्य ठिकाना बनाया गया था.  यहां परीक्षा शुरू होने से पहले लगभग 30 से 35 अभ्यर्थियों को गुप्त रूप से रखा गया तह.  इन अभ्यर्थियों को परीक्षा में आने वाले असली प्रश्न-पत्र और उनके उत्तर पूरी तरह से रटवाए गए थे ताकि वे आसानी से परीक्षा पास कर सकें।