धनबाद (DHANBAD): धनबाद के "नटवरलाल" पंकज कुमार गुप्ता की गिरफ्तारी के बाद वैसे तो उसे जेल भेज दिया गया है, लेकिन पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि पंकज अपने भाई और मां के साथ मिलकर ठगी का गिरोह चलाता था. वह झारखंड की एक बड़े अधिकारी और एक पूर्व मंत्री का भी बेधड़क नाम लेता था. 22 सितंबर को झरिया भूतगढ़िया की रहने वाली कुमारी रेणु की शिकायत पर धनबाद थाना में पंकज के अलावा उसके भाई यश कुमार गुप्ता और मां पूनम गुप्ता के खिलाफ ठगी मामले की प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी. उसके बाद सोमवार को उसकी गिरफ्तारी हुई है.
पिता ने भी ठगी का आरोप लगाने वालो का किया है समर्थन
पता चला है कि ठगी करने के लिए वह झारखंड की एक बड़े अधिकारी और मंत्री रहे नेता को अपना संबंधी बताता था. लोग बहुत आसानी से उसके झांसे में आ जाते थे और वह ठगी के शिकार हो जाते थे. पंकज के पिता का कहना है कि दोनों बेटे और उसकी पत्नी ठगी गिरोह चलाते है. विरोध करने पर मारपीट कर पंकज ने उसकी हड्डी तोड़ दी थी. पंकज घर का सामान निकाल कर बेच रहा है. छिनतई की घटना के दौरान पंकज का अंगूठा कट गया था. बाद में उसका इलाज कराया गया. एक दो नहीं बल्कि कई लोगों ने पंकज, उसके भाई पर ठगी के आरोप लगाए है.
पलामू से बगोदर तक के लोग लगा चुके है ठगी के आरोप
जानकारी के अनुसार झरिया रजवाड़ी रोड निवासी पूजा सिंघल को सहायक प्रोटोकॉल पदाधिकारी बनाने का झांसा देकर रुपए लिए गए. डाल्टनगंज निवासी इंदेश कुमार तिवारी से नौकरी के नाम पर ठगी की गई. पलामू के शिवाकांत तिवारी से नौकरी के नाम पर पैसे वसूले गए. भोजपुर जिले के उदय शंकर राय से बीसीसीएल में नौकरी दिलाने के नाम पर रुपए लिए गए. झरिया स्टेशन रोड के रहने वाले राजकिशोर चौरसिया से जमीन बिक्री करने के लिए पैसे ठगे गए. झरिया कतरास रोड चौथाई कुल्ही निवासी मोदक से जमीन का फर्जी इकरारनामा करके पंकज ने उन्हें चूना लगाया. बगोदर गोपाल डीह निवासी प्रमोद कुमार ठाकुर से नौकरी लगाने के नाम पर पैसे लिए गए. झरिया के किशन कुमार पांडे से आईएसएम में नौकरी लगाने के नाम पर रुपए लिए गए. सरायढेला के देव दत्ता से मेडिकल कॉलेज अस्पताल में नौकरी लगाने के नाम पर रुपए लिए गए थे.
