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Jharkhand Politics: वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर के "लेटर बम" को क्यों मिला विधायक जयराम महतो का साथ? क्या कह रहे दोनों

Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Senior Journalist

धनबाद(DHANBAD) | झारखंड के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर एक बार फिर "लेटर बम" को लेकर चर्चा  में हैं.  उन्होंने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर प्रशासनिक व्यवस्था को सरल और पारदर्शी बनाने की सरकार की पहल  पर बड़ा सवाल उठाया है.  उन्होंने अपने पत्र में प्रशासनिक प्रक्रियाओं की जटिलता को कम करने और लाल फीता शाही को समाप्त करने की जरूरत बताई है.  मंत्री ने कहा है कि प्रशासनिक व्यवस्था का उद्देश्य आम लोगों और सरकारी पदाधिकारी को अनावश्यक परेशानी से बचाना होना चाहिए। 

क्या कहा है विधायक जयराम महतो ने 

 मंत्री के इस पत्र से संबंधित खबर सार्वजनिक होने के बाद झारखंड के चर्चित विधायक जयराम महतो ने सोशल मीडिया एक्स  पर कहा है कि झारखंड सरकार के वरीय  मंत्री ने सरकार की लालफीता शाही पर आवाज उठाया है.  मैं भी लगातार सरकार का ध्यान आकृष्ट करता रहा हूं, लेकिन इस सरकार में जनहित की आवाज सुनने की इच्छाशक्ति ही समाप्त हो गई है.  कार्यपालिका दिशाविहीन हो चुकी है.  केवल दिशाविहीन नहीं, महा भ्रष्ट भी है.  अधिकारी बेलगाम  है , व्यवस्था में बेपटरी है और सरकार जवाबदेही से भाग रही है.  जनहित की आवाज सुनने वाला कोई नहीं, सरकार को अपने ही वरिष्ठ मंत्री की  आवाज को महज एक बयान समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। 

मांग -सरकार वित्त मंत्री के पत्र को गंभीरता से लेना चाहिए 
 
उनकी बातों को गंभीरता से लेना चाहिए।  सत्ता  का उद्देश्य जनता की सेवा करना है.  अफसरशाही  को  मनमानी और लूट को संरक्षण देने के लिए नहीं।  दरअसल, राधा कृष्ण किशोर कभी डीजीपी को तो कभी मुख्य सचिव को पत्र लिखकर अपनी नाराजगी व्यक्त करते रहे हैं.  इस बार उन्हें चर्चित विधायक जयराम महतो का भी साथ मिला हैं.  उल्लेखनीय है कि वित्त मंत्री ने पत्र में कई सुझाव दिए हैं.  उन्होंने कहा है कि जब राज्य में कारोबार को आसान बनाने के लिए इज  ऑफ डूइंग बिजनेस पर जोर दिया जा रहा है, तो आम नागरिकों और सरकारी कर्मियों के लिए इज  ऑफ लिविंग और इज   आफ गवर्नेंस की दिशा में भी ठोस पहल होनी चाहिए।