Jharkhand

झारखंड कांग्रेस : के राजू के दौरे से पहले कांग्रेस मंत्री का नया 'लेटर बम', अफसरों के रवैये पर उठाए सवाल

Satya Bhushan Singh Dhanbad
Senior Journalist
झारखंड कांग्रेस : के राजू के दौरे से पहले कांग्रेस मंत्री का नया 'लेटर बम', अफसरों के रवैये पर उठाए सवाल

टीएनपी डेस्क (TNP DESK): झारखंड कांग्रेस के प्रभारी के राजू 20 जुलाई को रांची पहुंच रहे हैं. तीन दिनों का उनका झारखंड प्रवास है. इस दौरान वह सरकार में कांग्रेस कोटे के मंत्रियों के साथ भी बैठक करेंगें. इस बीच सरकार से नाराज चल रहे वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने एक और "लेटर बम" फोड़ दिया है. सरकार में रहते हुए उन्हें पत्र लिखना पड़ रहा है. ऐसे में लग रहा है कि उनके पत्रों अथवा डिमांड को सरकार गंभीरता से नहीं ले रही है. हालांकि "लेटर बम" फोड़ने का सिलसिला उनका पहले से ही चल रहा है.  

पहले प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ पत्र लिखा, फिर उसे सार्वजनिक मंच से जारी किया. फिर सुरक्षा बढ़ाने का डिमांड किया तो वह कम कर दिए गए. नाराज होकर सुरक्षा ही लौटा दिया था. वैसे वह लगातार पत्राचार करते रहे. इधर, एक बार फिर जब के राजू का झारखंड पहुंचने का कार्यक्रम तय हुआ है, तो उन्होंने मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखा है. पत्र में उन्होंने राज्य के अधिकारियों द्वारा जनप्रतिनिधियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने तथा उनके पत्रों व फोन कॉल्स का समय पर जवाब देने के निर्देशों का कड़ाई से पालन कराने  की हिदायत दी  है. 

उन्होंने लिखा है कि मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग ने सभी विभागों एवं अधीनस्थ कार्यालय को सांसद, विधायकों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों के पत्रों  का समय पर उत्तर देने का निर्देश जारी किया था. इसके अलावे भी निर्देश दिए गए थे. उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है. लेकिन उन्हें लगातार शिकायतें मिल रही है कि निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है. कई अधिकारी संवेदनशील हैं, जबकि कुछ निर्देशों की अनदेखी कर रहे हैं. कुछ ऐसे भी अधिकारी हैं, जिनका व्यवहार अहंकार भरा होता है. 

यह संसदीय लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अच्छा नहीं है. दरअसल, हालात  जो सामने आए हैं, उससे ऐसा लगता है कि सरकार से उनके संबंध मधुर नहीं है. झारखंड के कांग्रेस के सांसद और विधायक भी अब समस्या को झारखंड में सुलझाने के बजाय सीधे केंद्रीय नेतृत्व के पास पहुचां रहे हैं. झारखंड में राज्यसभा चुनाव के बाद तो स्थिति अधिक बिगड़ी है. झारखंड कोटा के मंत्री और कांग्रेस पार्टी झारखंड में सरकार चलाने के लिए बिष पीने की भी बात कर चुके हैं. ऐसे में झारखंड की राजनीति किस और चल रही है, इसको लेकर आगे कोई बड़ा खुलासा हो जाए, तो कोई आश्चर्य की बात नहीं है, देखना होगा कि के राजू अपने झारखंड दौरे में इन सब समस्याओं का क्या निदान निकालते हैं? अथवा वह भी आलाकमान  से बात करने का भरोसा देखकर निकल लेते हैं. यह बात तो सच है कि झारखंड कांग्रेस में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है.