Jharkhand

धनबाद में एकबार फिर मानवता हुई शर्मसार, पढ़िए कैसे जानवरों का निवाला बनने से बच गई नवजात 

Satya Bhushan Singh Dhanbad
Senior Journalist
धनबाद में एकबार फिर मानवता हुई शर्मसार, पढ़िए कैसे जानवरों का निवाला बनने से बच गई नवजात 

धनबाद(DHANBAD): भला हो उस महिला का ,जिसने नवजात बच्ची को देख लिया ,अन्यथा वह जानवरों का निवाला बन जाती. धनबाद  में एक बार फिर मानवता शर्मसार हुई है.  बरवा अड्डा  के हुचुकटांड  गांव के पास झाड़ियां में सोमवार को एक नवजात बच्ची गंभीर हालत में मिली.  देखने से ऐसा लग रहा था कि  जन्म के बाद से ही उसे वहां फेंक दिया गया होगा.  शरीर पर चीटियां रेंग  रही थी.  पास के उदयपुर गांव की एक महिला  बच्ची को देखा और उठाकर अपने घर ले आई;  पूरे गांव में यह खबर फैल गई.  कुछ समय बाद वह महिला बच्ची को लेकर बरवा अड्डा  थाने पहुंची ,उसने कहा कि  झाड़ियां के पास से गुजरते समय अचानक बच्चों के रोने की आवाज से चौक गई.  शरीर पर चीटियां रेंग  रही थी.  हालत देख रोना आ गया.  उठाकर घर ले आई.  मेरी कोई संतान नहीं है, जिसे भगवान् ने दिया , उसने मरने  को छोड़ दिया था. 

 मैं उसे अपने पास ही रखना चाहती थी, लेकिन पड़ोसियों ने...

 मैं उसे अपने पास ही रखना चाहती थी, लेकिन पड़ोसियों की सलाह पर थाना लेकर गई.  इसके बाद डीसी  ने संबंधित अधिकारियों को नवजात की सुरक्षा, बेहतर स्वास्थ्य देखभाल एवं कानूनी प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया है. दिनांक 27 जुलाई 2026 को बरवाअड्डा थाना द्वारा जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी, धनबाद (दूरभाष सं.- 7903353045) एवं बाल कल्याण समिति की सदस्य  ममता अरोड़ा तथा संध्या प्रधान को दूरभाष पर सूचना दी गई कि हुचुकटांड़ गांव के पास झाड़ियों में एक नवजात शिशु मिली है.  सूचना मिलते ही बाल कल्याण समिति, धनबाद द्वारा बरवाअड्डा थाना को निर्देश दिया गया कि बच्ची को अविलंब बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत करते हुए शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SNMCH), धनबाद में इलाज के लिए  भर्ती कराया जाए. 

एसएनएमएमसीएच  के आईसीयू (ICU) में भर्ती हुई नवजात

 उपायुक्त के निर्देश पर  नवजात बच्ची को एसएनएमएमसीएच  के आईसीयू (ICU) में भर्ती कराया गया है, जहाँ विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उसका गहन एवं सर्वोत्तम इलाज जारी है., जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी, धनबाद द्वारा अस्पताल में नवजात शिशु की निरंतर देखरेख एवं देखभाल के लिए  चाइल्ड हेल्पलाइन (Child Helpline), विश विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान (SAA) तथा जिला बाल संरक्षण इकाई (DCPU) के कर्मियों को रोस्टर के अनुसार प्रतिनियुक्त किया गया है.  पुलिस प्रशासन को बच्ची के जैविक माता-पिता तथा उसे इस गंभीर स्थिति में झाड़ियों में फेंकने वाले असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं. जिला प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि किसी के पास इस घटना या बच्ची के परिजनों से जुड़ी कोई भी जानकारी हो, तो वे तुरंत स्थानीय पुलिस या जिला बाल संरक्षण कार्यालय को सूचित करें. प्रशासन नवजात के पूर्ण पुनर्वास एवं सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है.