धनबाद: धनबाद का चर्चित शहर झरिया अपने इतिहास में पहली बार 1 नवंबर को भव्य गंगा आरती देखेगी. झरिया के ऐतिहासिक राजा तालाब की तस्वीर पूरी तरह से बदल गई है. लगभग 5 करोड रुपए की लागत से इसका कायाकल्प किया गया है. तालाब के बीचो बीच सेंट्रल आईलैंड बनाया गया है. आईलैंड पार्क में फूल पौधे और बैठने की व्यवस्था की गई है. तालाब के चारों ओर स्टील की बाउंड्री वॉल और छठ घाट बनाए गए हैं.
झरिया के लोगों को याद होगा कि कुछ साल पहले तक झरिया राजा तालाब के पास से गुजरने पर नाक पर रुमाल रखना पड़ता था. लेकिन आज सब कुछ बदल गया है. 1 नवंबर को इसका उद्घाटन होने जा रहा है. इस मौके पर भव्य गंगा आरती का आयोजन होगा. धनबाद के मेयर संजीव सिंह और झरिया विधायक रागिनी सिंह की ओर से आमंत्रण भेजे जा रहे हैं. यह निर्माण निगम की राशि से हुआ है. यह अलग बात है कि राजातालाब के सौंदर्यकरण में कई बाधाएं आई.
शिलान्यास पूर्व विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह के कार्यकाल में हुआ था. उसके बाद काम कभी धीमी गति से हुआ तो कभी रफ्तार पकड़ा. राजा तालाब का अपना एक पुराना इतिहास है. झरिया के पुराने लोग बताते हैं कि राजा जय मंगल सिंह ने अपनी रानी के स्नान के लिए झरिया के बकरीहाट के निकट तालाब का निर्माण कराया था. जिसका नाम राजा तालाब पड़ा. झरिया के राजा तालाब के बगल में ही एक और रानी तालाब हुआ करता था. लेकिन अब वह अस्तित्व में नहीं दिखता.
पुराने लोगों के अनुसार राजा तालाब का निर्माण 1900 ई के आसपास हुआ होगा. जब इसका निर्माण हुआ था, तो तालाब का रास्ता सीधे राजमहल से जुड़ा हुआ था. रानियां झरिया के राजा तालाब तक पालकियों से जाती थी और स्नान के बाद राजमहल लौट आई थी. लोग यह भी बताते हैं कि 1920 के आसपास झरिया का राज परिवार ऊपर राजबाड़ी में घर बनने के बाद आकर बस गए. इसके बाद झरिया राजा तालाब का इस्तेमाल वहां के अगल-बगल रहने वाले लोग करने लगे.
इसके बाद धीरे-धीरे परिवर्तन होने लगा .लोग बसते गए. अगल-बगल घर ,दुकान बन गए. फिलहाल शहर के गंदे पानी को साफ करने के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाया गया है. बेकर बंध के राजेंद्र सरोवर के बाद निगम का या दूसरा तालाब होगा. जहां सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाया गया है .अब नालियों का गंदा पानी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से फिल्टर होने के बाद तालाब तक पहुंचेगा. इसका ट्रायल भी हो चुका है. विधायक रागिनी सिंह इस काम में जोर-जोर से लगी हुई है.
