धनबाद (DHANBAD): उस लाचार और बेवश दादी के लिए विधायक जयराम महतो बड़े सहारा बन गए. दादी ने उन्हें जुग जुग जीने का आशीर्वाद दिया. सोशल मीडिया पर विधायक ने कहा है कि अपने विधानसभा क्षेत्र के भ्रमण के दौरान नावाडीह प्रखंड के बाराडीह गाँव से गुजर रहा था. तभी मेरी गाड़ी देखकर एक बुजुर्ग दादी ने आवाज लगाई. विधायक जी, जरा रुकिए, मेरा घर देख लीजिए'. दादी की इस पुकार को अनसुना कैसे करता ? दादी का सहारा बनने वाला परिवार में कोई नहीं है. उनके पति, बेटा और बेटी कोई भी नहीं है. वे अकेले जीवन गुजार रही हैं और ऊपर से जन्मांध हैं.
उनकी स्थिति जानकर मैंने गाड़ी रुकवाई और तुरंत उनके घर पहुँचा. घर की जर्जर हालत देखकर मन व्यथित हो गया. छत इतनी खराब थी कि बारिश का पानी घर के अंदर टपक रहा था और दादी बेहद कठिन परिस्थितियों में जीवन गुजारने को मजबूर थीं.
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल घर की मरम्मत एवं अल्बेस्टर लगाने के लिए आर्थिक सहयोग किया. उस समय गाड़ी में पर्याप्त नकद राशि नहीं होने के कारण कुछ नगद राशि के साथ अपने निजी वेतन से चेक काटकर भी आर्थिक सहायता प्रदान किया, ताकि बरसात के इस मौसम में दादी को तत्काल राहत मिल सके.
इसके साथ ही, दादी को सरकारी आवास योजना का लाभ दिलाने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए. मेरे लिए यह केवल एक परिवार की मदद नहीं, बल्कि एक जनप्रतिनिधि के रूप में अपने दायित्व को निभाने का प्रयास है. किसी की मुसीबत में उसके साथ खड़ा होना और उसके चेहरे पर राहत की मुस्कान देखना ही मेरे लिए सबसे बड़ा सुकून है.
