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Jharkhand

झरिया वकील हत्या साजिश मामला कैसे जुड़ गया धनबाद के मुथूट फाइनेंस डकैती प्रयास कांड से, 2022 में कैसे हुई थी घटना?

Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Senior Journalist

धनबाद (DHANBAD): झरिया के अधिवक्ता की हत्या का साजिश रचने का मामला धनबाद के बहुचर्चित मुथूट फाइनेंस डकैती प्रयास कांड से जुड़ गया है. जानकार सूत्रों के अनुसार रामगढ़ जेल में बंद कुख्यात आसिफ इस कांड में शामिल था. वह उस समय पुलिस की गिरफ्त में भी आया था. फिलहाल वह दूसरे किसी मामले में रामगढ़ जेल में बंद है. मुथूट फाइनेंस  की घटना 6 दिसंबर 2022 को हुई थी. यह घटना पूरे झारखंड में चर्चा में रही थी. इस घटना में अपराधियों के साथ बैंक मोड़ पुलिस का एनकाउंटर हो गया था. एनकाउंटर में एक अपराधी पुलिस की गोली से मारा गया था, जबकि दो को पुलिस जीवित पकड़ लिया था. 

कई अपराधी भागने में सफल रहे थे. भागने वाले अपराधी बिहार के बताएं गए थे. उस समय धनबाद के एसएसपी संजीव कुमार थे और बैंक मोड़ के थाना प्रभारी पीके सिंह थे. रामगढ़ जेल में बंद आसिफ के बारे में बताया जाता है कि वह बिहार के समस्तीपुर का रहने वाला है. उसने झरिया के अधिवक्ता मोहम्मद जावेद की हत्या की साजिश रची थी. लेकिन एन वक्त पर पुलिस ने अपराधियों को दबोच कर साजिश को नाकाम कर दिया. दरअसल, 6 दिसंबर 2022 को बैंक मोड़ गुरुद्वारा के समीप स्थित मुथूट फाइनेंस का दफ्तर खुलते ही लगभग आधा दर्जन डकैत प्रवेश कर गए थे. कुछ कर्मचारियों को कब्जे में भी ले लिया था, लेकिन बैंक मोड़ पुलिस पलक झपकते ही मौके पर पहुंच गई थी. 

पुलिस ने जब अपराधियों को ललकारा तो भागने लगे. गोलियां भी चला रहे थे. उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने फायरिंग की, जिसमें एक की मौत हो गई थी और दो लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था. बताया गया था कि बैंकमोड़ थाना प्रभारी पीके सिंह को फोन पर घटना की सूचना मिली. तत्काल घटनास्थल पर वह पहुंचे और डकैतों को ललकारा. पुलिस पहुंचने की सूचना पर डकैत भी फायरिंग करते हुए नीचे उतरने लगे थे. 6 दिसंबर 2022 की घटना एक सप्ताह के भीतर धनबाद शहर में दूसरी बड़ी घटना थी. इसके तीन-चार दिन पहले अपराधियों ने धनसार पुलिस स्टेशन के समीप स्थित गुंजन ज्वेलर्स में डकैती डाली थी. इस घटना में अपराधियों ने भारी मात्रा में सोना लूट लिया था. 

उल्लेखनीय है कि झरिया के अधिवक्ता की हत्या की योजना को शुक्रवार की रात पुलिस ने नाकाम कर दिया. हत्या की योजना को लेकर पहुंचे अपराधियों में से  एक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, जबकि दो भागने में सफल रहे. पकड़े गए अपराधी के पास से हथियार और गोली बरामद किया गया. शनिवार को डीएसपी (ला एंड ऑर्डर )ने इसकी पुष्टि की और बताया कि 12 सितंबर को भूली पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि देर रात कुछ अपराधी भूली इलाके में पहुंचने वाले है. उनका मकसद किसी आपराधिक घटना को अंजाम देने की है. सूचना मिलते ही पुलिस ने वरीय अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई और एक टीम का गठन कर कार्रवाई शुरू की गई. 

पुलिस टीम रात करीब दो बजे तक बताए गए इलाके में अपराधियों के आने का इंतजार करती रही. करीब ढाई बजे दो बाइक पर चार युवक वहां पहुंचे. पुलिस ने जैसे ही उन्हें पकड़ने के लिए घेराबंदी शुरू की, तीन युवक बाइक से मौके से फरार हो गए. वहीं, भागने के दौरान पुलिस ने एक युवक को पकड़ लिया. पकड़े गए युवक की पहचान आसिफ आलम के रूप में हुई, जो ईस्ट बसुरिया का रहने वाला है. पुलिस ने आसिफ आलम की तलाशी ली, तो उसके पास से एक देशी कट्टा और एक गोली बरामद हुई. इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की. पूछताछ के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि रामगढ़ जेल में बंद एक अपराधी के संपर्क में आसिफ था. पुलिस के अनुसार, दोनों के बीच संपर्क के जरिए झरिया में रहने वाले अधिवक्ता जावेद की हत्या की योजना बनाई जा रही थी.