Jharkhand

गैंगस्टर की करतूत: झारखंड के किन -किन तीन विधायकों को धमका चुका है भगोड़ा प्रिंस खान 

Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Senior Journalist

धनबाद(DHANBAD): कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान झारखंड के तीन जन प्रतिनिधियों को अब तक धमका चुका है.  ताजा मामला निरसा के विधायक अरूप  चटर्जी को धमकी देने का सामने आया है.  इसके बाद तो झारखंड की राजनीति में हलचल है.  अब तो विधायक भी एकजुट  होने लगे हैं और केंद्रीय गृहमंत्री तक पहुंचने की कोशिश कर रहे है.  बता दें कि इसके पहले 2003 में झरिया की विधायक रागिनी सिंह के नाम पर सोशल मीडिया में वीडियो डालकर धमकी दी गई थी.  हालांकि उस समय वह विधायक नहीं थी.  फिर उसके अगले साल पूर्व मंत्री और विधायक सरयू  राय एवं सामाजिक कार्यकर्ता कृष्णा  अग्रवाल को जान मारने की धमकी दी गई थी.  कृष्णा  अग्रवाल ने इस धमकी के खिलाफ धरना भी दिया था.  

निरसा  विधायक अरूप  चटर्जी को दिया गया है अल्टीमेटम

इधर, शुक्रवार को निरसा  विधायक अरूप  चटर्जी को प्रिंस खान ने 24 घंटे के भीतर मैनेज करने का अल्टीमेट दिया है.   घटना के बाद विधायक ने मुख्यमंत्री, डीजीपी और धनबाद के एसएसपी को पूरे मामले की जानकारी दी है.  पुलिस मामले की जाँच में जुट गई है.  अरूप  चटर्जी को धमकी देने के मामले को माले  ने भी गंभीरता से लिया है.  यह  मामला इसलिए भी बहुत अधिक चर्चा में आ गया है क्यों कि   सांसद ढुल्लू  महतो से प्रिंस खान के संबंध का आरोप लगाने के दो दिनों बाद विधायक अरुण चटर्जी को प्रिंस खान ने धमकी दी है.  कहा है कि 24 घंटे में मैनेज करो, नहीं तो मार देंगे।  हालांकि इस संबंध में सांसद ढुल्लू  महतो का कहना है कि राज्य सरकार प्रिंस खान मामले की गहराई से जांच करे.  किसी विधायक को अपराधी द्वारा धमकी दिया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है और गंभीर विषय है.  उन्होंने सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है. 
 
शुक्रवार की शाम से लेकर देर रात तक धनबाद पुलिस सक्रिय रही

इधर, शुक्रवार की शाम से लेकर देर रात तक धनबाद पुलिस सक्रिय रही.  बारिश के बावजूद वाहनों की  जांच पड़ताल की जा रही थी.  सिटी सेंटर चौक पर रात 9:00 बजे बारिश हो रही थी, लेकिन पुलिस वाले जांच पड़ताल में जुटे हुए थे.  जानकारी के अनुसार पुरे ज़िले में 1000 से अधिक वाहनों की जांच की गई और संदिग्ध  लोगों से पूछताछ भी की गई.  बताया जाता है कि इस अभियान को चलाने का मकसद अपराधियों में डर  पैदा करना है, ताकि किसी घटना  होने से पहले रोका जा सके.  पुलिस की टीम बारों  का भी निरीक्षण किया।  पुलिस टीम ने बार  के कागजात की भी जांच की.  संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि  बार में आने वाले प्रत्येक ग्राहक का नाम, मोबाइल नंबर, प्रवेश एवं निकास  का समय अनिवार्य रूप से रजिस्टर में दर्ज किये जायँ।  जिससे कि किसी भी संदिग्ध  गतिविधि की स्थिति में तत्काल जानकारी मिल सके.  पुलिस ने निर्देश दिया कि बिना पहचान सत्यापन के किसी भी व्यक्ति को बार में प्रवेश नहीं करने दिया जाए.  बार परिसर में सीसीटीवी कैमरे का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने को भी कहा गया.

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