धनबाद(DHANBAD): एनकाउंटर के बाद धनबाद पुलिस की पकड़ में आया कुख्यात शंकर डे का अपराधिक इतिहास खूंखार रहा है. झारखंड से लेकर बंगाल और बंगाल से लेकर उत्तर प्रदेश तक उसकी आपराधिक गतिविधियों की कुंडली अब सामने आने लगी है. वह लोकल गैंग से मिलकर बड़ी-बड़ी घटनाओं को अंजाम दे चुका है. सूत्रों के अनुसार धनबाद पुलिस की पकड़ में वह नहीं आता, तो बंगाल में सोना लूट की एक बड़ी घटना को अंजाम दे सकता था. सूत्रों ने बताया कि पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में एक बड़ी डकैती को अंजाम देने की उसकी योजना थी.
झारखंड ,बंगाल ,यूपी में चलता था गिरोह
वह कुछ दिन पहले तक सिलीगुड़ी में एक मकान किराए पर लेकर रह रहा था. वहां उसने एक ज्वेलरी दुकान की लगातार रेकी की थी. उसे पता चला था कि दुकानदार हर दिन अपनी दुकान में लगभग डेढ़ किलो सोना लेकर आता जाता है. सूत्रों के अनुसार लगातार रेकी करने की वजह से उसका फुटेज वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में आ गया था. इसलिए वह कुछ दिनों के लिए वहां से हट गया. बहुत जल्द व्यापारी से गहने लूटने की उसकी योजना थी. लेकिन इसके पहले ही वह धनबाद पुलिस की पकड़ में आ गया.
13 अक्टूबर की रात टुंडी के मानियाडीह हुआ था एनकाउंटर
उल्लेखनीय है कि 13 अक्टूबर की रात टुंडी के मानियाडीह में पुलिस की जवाबी कार्रवाई में वह घायल हो गया . उसका इलाज फिलहाल SNMMCH में चल रहा है. उसने यह भी बताया है कि केवल झारखंड ही नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश में भी उसने कई घटनाओं को अंजाम दिया है. उसका नाम 2009 में धनबाद में हुए बिहारी लाल चौधरी की हत्या में भी आया था. इसके अलावा भी धनबाद की कई घटनाओं में उसकी संलिप्तता सामने आई है. 2010 के दशक में धनबाद में बिहार के कुख्यात बिंदु सिंह का आतंक था. रंगदारी के लिए धमकी का सिलसिला चल रहा था. बिंदु सिंह के गैंग में अच्छे -अच्छे घरों के लड़के शामिल हो गए थे. कारोबारी और डॉक्टर गिरोह के निशाने पर रहते थे. इस समय कुख्यात अपराधी शंकर डे का नाम भी सुर्खियों में था.
