Jharkhand

धनबाद में ईडी का एक्शन तेज: उप डाकघर घोटाले में भी हुई प्रवर्तन निदेशालय की एंट्री, जानिए क्या था पूरा मामला

Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Senior Journalist

धनबाद(DHANBAD):  धनबाद के केके पॉलिटेक्निक स्थित उप डाकघर में हुए 9 करोड रुपए से भी अधिक के घोटाले में अब प्रवर्तन निदेशालय की भी एंट्री हो गई है.  सीबीआई पहले से ही इस मामले की जांच कर रही है.  जानकारी के अनुसार इस मामले को आधार बनाकर प्रवर्तन  निदेशालय मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.  सूत्रों के अनुसार ईडी  के अधिकारी शुक्रवार को लोयाबाद  पहुंचे,  वह आरोपी पंकज कुमार चौहान को खोज रहे थे. 

लोयाबाद पहुंचे अधिकारी और चिपकाया नोटिस 
 
लोयाबाद पुलिस के साथ पंकज चौहान के घर पहुंचे. वह घर पर नहीं मिले।   घर पर नोटिस चिपका दिया गया.  नोटिस में पंकज चौहान को पूछताछ के लिए रांची स्थित ईडी  ऑफिस में हाजिर होने को कहा गया है. बताया जाता है कि ईडी  के अधिकारियों ने पहले भी पूछताछ के लिए नोटिस भेजा था.  नहीं आने पर नोटिस का तामिला  कराने  के लिए उसके घर पहुंचे थे.  ईडी  के दोनों अधिकारी पहले लोयाबाद  पहुचें. उसके बाद पुलिस के साथ पंकज चौहान के घर पहुंचे.

पंकज चौहान इस मामले का नामजद  आरोपी नहीं है लेकिन 
 
सूत्र बताते हैं कि पंकज चौहान इस मामले का नामजद  आरोपी नहीं है.  उसका नाम जांच के दौरान सामने आया था.  घोटाले की राशि उसके बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे.  बताया जाता है कि यह राशि उप डाकघर घोटाले के आरोपी  सुमित कुमार सौरव ने सरकारी अकाउंट से पंकज के खाते में राशि ट्रांसफर की थी.  वह सरकारी पैसे के ट्रांजैक्शन की वजह से ईडी के  रडार  पर है. उल्लेखनीय है कि धनबाद जिले के गोविंदपुर स्थित केके पॉलिटेक्निक उप डाकघर में अगस्त 2022 से ही फर्जीवाड़ा चल रहा था.  8 -10 खातों से यह फर्जी बाड़ा चल रहा था.  सरकारी फंड की राशि की अवैध जमा और निकासी डायरेक्टर आफ अकाउंट्स पोस्ट ने पकड़ी थी.  विभागीय जाँच के बाद मामला सीबीआई में दर्ज कराया गया था. 

अवैध कोयले के धंधे के खिलाफ हुई थी छापेमारी 

उल्लेखनीय है कि धनबाद में अवैध कोयला खनन, तस्करी, रंगदारी और लेवी वसूली से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम देते हुए 31 ठिकानों पर छापेमारी की थी.  कार्रवाई के दौरान ईडी ने करीब 160 करोड़ रुपए के म्यूचुअल फंड निवेश को फ्रीज कर दिया है, जबकि 1.02 करोड़ रुपए की बेहिसाबी नकदी जब्त की गई है.  इसके अलावा 200 से अधिक चल-अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य भी बरामद किये गए है.

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