Jharkhand

Dhullu Mahto VS Arup chatterjee : पन्द्रह जुलाई  को क्यों पता चल जाएगा कि किसमें कितना है दम,आगे की क्या बन रही रणनीति 

Satya Bhushan Singh Dhanbad
Senior Journalist
Dhullu Mahto VS Arup chatterjee : पन्द्रह जुलाई  को क्यों पता चल जाएगा कि किसमें कितना है दम,आगे की क्या बन रही रणनीति 

धनबाद(DHANBAD): धनबाद के सांसद ढुल्लू महतो  और निरसा  के विधायक अरूप  चटर्जी के बीच छिड़ी  वर्चस्व की लड़ाई में कौन आगे निकलेगा, कौन "बैक फुट" पर रहेगा, इसका फैसला संभवत 15 जुलाई को हो सकता है. पूरी तरह से नहीं तो आंशिक रूप से जरूर हो जाएगा.  दोनों ओर से तलवारे खींच गई है.  आरोप- प्रत्यारोप का दौर शुरू है.  दोनों के बीच की लड़ाई में गैंगस्टर प्रिंस खान एक किरदार के रूप में सामने आया है.  अ रूप चटर्जी ने निरसा  थाने में प्रिंस खान और सांसद ढुल्लू महतो के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है. 

 दूसरी ओर सांसद  का कहना है कि प्रिंस खान ने उन्हें  भी धमकी दी है.  जिसकी शिकायत उन्होंने की है.  अब हम बात करते हैं निरसा में कार्यक्रम  की तैयारी की.  15 जुलाई को सांसद ने निरसा  में प्रदर्शन का ऐलान कर दिया है.  इसकी तैयारी मजबूती से  चल रही है.  दूसरी ओर विधायक अरूप  चटर्जी भी अपनी तरफ से प्रयास कर रहे हैं कि मामले  को लेकर सांसद  को "बैक फुट" पर कैसे लाया जाए.?  तय कार्यक्रम के अनुसार सांसद  के नेतृत्व में रैली निरसा  पुलिस इंस्पेक्टर कार्यालय से शुरू होगी, जो पैदल मार्च करते हुए फ्लाई ओवर निर्माण  स्थल तक जाएगी।  इसके बाद देवियाना  में जनसभा होगी।  देखना दिलचस्प होगा कि इस रैली को भाजपा के लोग कितना सफल बना पाते है. 

 दरअसल, फ्लाईओवर निर्माण को लेकर पिछले कई दिनों से धनबाद सांसद ढुल्लू महतो  और विधायक  अरूप  चटर्जी के बीच लड़ाई छिड़ी  हुई है.  दोनों पीछे हटने को तैयार नहीं हैं.  सांसद निर्माण कार्य चालू करना चाहते हैं, तो विधायक किसी भी सूरत में निर्माण चालू नहीं होने देने की  जिद पर अड़े है. सुगम   डायवर्सन और स्थानीय युवाओं को रोजगार की मांग पर विधायक अड़े हैं. अरूप चटर्जी ने घोषणा की है कि जब तक उनकी मांगों पर पहल नहीं होती , तब तक निर्माण कार्य बंद रहेगा।  माले  के कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि सांसद  के कार्यक्रम में काला झंडा दिखाकर विरोध करेंगें।  

15 जुलाई को वह भी   फ्लाईओवर निर्माण स्थल पर कार्यक्रम करेंगें।  माले  की बैठक भी संभावित है.  जिसमें यह तय होगा कि इसके  आगे क्या किया जाएगा।  लेकिन इतना तो तय है कि 15 जुलाई को  एक तरफ सांसद  का कार्यक्रम रहेगा तो दूसरी ओर विधायक  का भी कार्यक्रम होगा।  दरअसल, विधायक का कहना  है कि सांसद  की सह  पर ठेकेदार निरसा  के लोगों की उपेक्षा कर रहा है.  जबकि सांसद  का कहना है कि रंगदारी के लिए विधायक ने काम रुकवा दिया है. 

 दरअसल, सिंह मेंशन और सांसद ढुल्लू महतो के बीच कुछ दिन पहले छिड़ी  लड़ाई अब निरसा  की ओर मुड़ गई है.  निरसा  के विधायक भी सांसद  को चुनौती देने की रूपरेखा तय कर रहे हैं.  सूत्र दावा कर रहे हैं कि 15 जुलाई के बाद निरसा विधायक कतरास -बाघमारा में दलगत भावना से ऊपर उठकर जन समर्थन से एक जनसभा कर सकते हैं .  उस जनसभा में सांसद और बाघमारा विधायक के खिलाफ कोई निर्णय लिया जा सकता है.  हालांकि इसकी अधिकृत पुष्टि नहीं हो रही है, लेकिन इतना तो तय है कि धनबाद का राजनीतिक माहौल अभी गरम हो गया  है.  15 जुलाई को यह  पता चल जाएगा कि  निरसा  के लोगों के दिल में क्या है??