Jharkhand

प्रिंस खान की मदद से दुबई में ठिकाना बना चुके हैं ढुल्लू महतो, अरूप चटर्जी ने पासपोर्ट जब्त करने की उठाई मांग

Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Senior Journalist

धनबाद(DHANBAD):  धनबाद के सांसद ढुल्लू महतो  और विधायक अरूप  चटर्जी के बीच की  जुवानी  जंग अब लोकसभा तथा विधानसभा में पहुचेंगी।  विधायक अरूप  चटर्जी ने बुधवार को एक संवाददाता सम्मेलन में इसकी घोषणा की. उन्होंने कहा कि उनके पार्टी के सांसद सुदामा प्रसाद लोकसभा में धनबाद में कोयला चोरी का मामला उठाएंगे और वह खुद विधानसभा में कतरास -बाघमारा क्षेत्र में हो रहे कोयला चोरी का मुद्दा उठाएंगें।  विधायक का रुख  कड़ा था.  उन्होंने संवाददाताओं के सामने सांसद  के बेटे के नाम से एक हार्ड कोक भट्ठे  का खुलासा किया .  

सांसद और विधायक में छिड़ी है जुवानी जंग 

उन्होंने यहां तक कह दिया कि प्रिंस खान के सहयोग से सांसद दुबई में अपना ठिकाना बना लिए है.  केंद्र सरकार को चाहिए कि सांसद  का पासपोर्ट और अन्य कागजात कब्जे में ले लें.  नहीं तो सत्ता से बाहर होते ही वह विदेश भाग जाएंगे।  दरअसल, फिलहाल सांसद और विधायक में जंग छिड़ी हुई है.  सांसद ने कहा था कि जिसका बेटा नहीं होगा, वह परिवार का दर्द क्या समझेगा? अरूप चटर्जी ने कहा कि हां ,मुझे बेटा नहीं हैं.  मेरी दो बेटियां हैं, लेकिन दोनों बेटियां किसी के बेटे से कम नहीं हैं.  सांसद ढुल्लू महतो ने  आरोप लगाया था कि निरसा  में एलिवेटेड फ्लाईओवर  का काम विधायक अरूप  चटर्जी ने पैसे के लिए रोका है.  अरूप  चटर्जी विकास विरोधी मानसिकता के व्यक्ति हैं.  निरसा  क्षेत्र के कल -कारखानों को बंद करवा दिया।  

सांसद का सवाल -गोविंदपुर में विरोध नहीं ,निरसा में क्यों 

सांसद ने कहा था  कि एलिवेटेड फ्लाईओवर  का निर्माण गोविंदपुर में भी हो रहा है, लेकिन सिंदरी विधायक ने कोई अड़ंगा  नहीं डाला।  निरसा में अरूप  चटर्जी को परेशानी क्यों हो रही है? हर कोई समझ रहा है कि निरसा  विधायक की सोच क्या है? विधानसभा चुनाव में अरूप  चटर्जी को जनता जवाब देगी।  विकास योजनाओं में राजनीति महंगी पड़ेगी ,सांसद ने अरूप  चटर्जी पर कई व्यक्तिगत हमले भी किए थे.  कहा कि हर राज्यसभा चुनाव में अरूप  चटर्जी पर बिकने का आरोप लगता रहा है.  सांसद ने आरोप लगाया था कि निरसा  के ओम बास्को  फैक्ट्री में विधायक की हिस्सेदारी है.  सांसद ने कहा था  कि यदि उनके 13 भट्ठे  हैं, तो अरूप  चटर्जी सरकार में हैं, जांच करा  लें, पुष्टि हो गई तो सभी भट्ठे  अरूप  चटर्जी के नाम पर कर  राजनीति से संन्यास ले लेंगें।  उन्होंने कहा था कि उनका जो बेटा पढ़ाई कर रहा है, उसका नाम राजनीति फायदे के लिए घसीटना मानसिक दिवालियापन का संकेत है.