Jharkhand

Dhullu Mahato VS Arup Chatterjee: जुबानी जंग परिवार तक पहुंची, आरोपों की बौछार

Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Senior Journalist

धनबाद(DHANBAD) : सांसद ढुल्लू महतो  तो और विधायक अरुण चटर्जी के बीच की  जुबानी जंग अब परिवार के लोगों तक पहुंच गई है. मर्यादाएं तार -तार हो रही हैं.  सांसद जहां अरूप  चटर्जी के पिता स्वर्गीय गुरुदास  चटर्जी का नाम ले रहे हैं, तो विधायक उनके भाई और पुत्र का नाम गिना  रहे है.  विधायक कह रहे हैं कि ढुल्लू महतो, उनका भाई कोयलांचल में केवल हरिश्चंद्र हैं , बाकि  सब गलत हैं.  उनका  कहना है कि भाजपा के लोग भी सांसद  की नजर में गलत हैं.  पिछले कई महीनो से दोनों के बीच सुलग रही आग  निरसा  एलिवेटेड फ्लाईओवर  के बहाने जमीन पर आ गई है.  

केवल ढुल्लू महतो और उनके भाई ही हैं हरिश्चंद्र 

निरसा  में कुछ  दिन पहले सांसद ने कहा था कि अरूप  चटर्जी क्या बात करेंगे, उनके पिता के साथ हम काम कर  चुके हैं.  हालांकि यह बात आंकड़ों में गलत साबित होती है.  ढुल्लू महतो के विधायक बनने के पहले गुरुदास  चटर्जी की हत्या हो गई थी.  सोमवार को विधायक अरूप  चटर्जी ने सांसद  पर जोरदार हमला बोला , कहा कि वह खुद तो कोयला में वसूली कर ही रहे थे, अब  अपने बेटे को भी वसूली में उतार दिया है.  भाजपा ने एक अनपढ़ को टिकट देकर सांसद बना दिया है.  ढुल्लू  महतो महेशपुर साइडिंग  में पहले 40 -₹50 की हाजिरी में काम करते थे.  आज 40,000 करोड रुपए के मालिक कैसे बन गए? उन्होंने कहा कि मैं जल्द ही बाघमारा में धरना दूंगा, साथ ही कहा की उम्मीद है कि 202 9 में ऐसे अनपढ़ को भाजपा टिकट नहीं देगी। 

सिर्फ मेरे ही नहीं ,कई विधायकों के पिता के बारे में गलत बोले 
 
अरूप  चटर्जी ने चुनौती दी कि  जिस क्षेत्र से चाहे निर्दलीय चुनाव लड़ लें , मैं भी चुनाव निर्दलीय लडूंगा।  अरूप  चटर्जी का आरोप था कि मेरे पिता के बारे में अप शब्द कहा गया.  यह पहली घटना नहीं है, विधायक जयराम महतो, विधायक अनूप सिंह समेत अन्य के पिता के बारे में इस तरह  बोल चुके हैं.  मेरे पिताजी 1990 से वर्ष 2000 तक तीन बार विधायक रहे.  मेरे पिता की शहादत के 26 साल हो चुके हैं.  मैं वर्ष 2000 में विधायक बना तो ढुल्लू महतो पहली बार 2009 में विधायक बने.  बात इतनी ही नहीं, आरोप  धंधा -व्यवसाय पर भी लगे.  विधायक ने आरोप लगाया कि ढुल्लू महतो के के पास तेरह  हार्ड कोक भट्ठे  है.  6 उनके नाम से हैं जबकि सात  की पावर ऑफ अटॉर्नी है.  एक महीने में 30 -40 करोड रुपए की कमाई है.  

हार्ड कोक  इंडस्ट्री की ख़राब हालत के लिए सांसद जिम्मेवार 

अरूप  चटर्जी ने कहा कि धनबाद में आज हार्ड कोक  इंडस्ट्री की क्या स्थिति है, और इसके जिम्मेदार कौन है? यह सब कोई जानता है.  आगे  कहा कि ढुल्लू महतो झरिया में जाकर माफिया के खिलाफ बोलते हैं और खुद माफिया हैं.  वह दूसरे को रंगदार बोलते हैं और खुद रंगदारी करते है.  2 साल से सांसद हैं तो लोकसभा में कोयला चोरी और माफिया के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग क्यों नहीं उठाई? आखिर क्यों दूसरे दलों के जन  प्रतिनिधियों के साथ भाजपा वालों को भी गाली देते हैं? अगर वह गरीबों के सांसद हैं तो कब्ज वाले 100 एकड़ जमीन गरीबों को क्यों नहीं  दे देते हैं?  

रंगदारी वसूली की साजिश  कर रहे अरूप चटर्जी 

कहा कि 4 जून 2024 को चुनाव का रिजल्ट निकला, 24 जून को ढुल्लू महतो ने शपथ ली.   11 जुलाई को निरसा  ओवरब्रिज का टेंडर निकला ,इसमें भी वह क्रेडिट ले रहे हैं.  हम लोगों ने निरसा  में डेढ़ साल तक लड़ाई लड़ी, क्या निरसा  नागरिक समिति, गोविंदपुर नागरिक समिति और पूर्व सांसद पीएन  सिंह की कोई भूमिका नहीं है?  हालांकि सांसद ढुल्लू महतो  भी विधायक अरूप चटर्जी  के बयान पर प्रतिक्रिया दी है. उनका आरोप है कि निरसा  विधायक रंगदारी वसूली के लिए साजिश कर रहे हैं.  उन्हें जनता की समस्याओं और विकास कार्यों से कोई लेना-देना नहीं है.  इसी कारण विधायक फ्लाईओवर निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं. 

सांसद के सवाल : कोई प्रमाण हो तो सार्वजनिक करें विधायक

आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में लगे ठेकेदारों पर दबाव बनाकर रंगदारी वसूलने की कोशिश कर रहे हैं.  उन्होंने कहा कि यदि निरसा  विधायक फ्लाईओवर निर्माण के लिए कोई प्रयास किए हैं, तो वह इसका प्रमाण सार्वजनिक करें।  विकास कार्यों में अवरोध पैदा करने के बजाय उन्हें निर्माण कार्य में सहयोग करना चाहिए।  कोयला चोरी के मुद्दे पर भी सांसद ने   पलटवार करते हुए कहा कि राज्य में उनके समर्थन की सरकार है. फिर क्यों नहीं कुछ करते।  आरोप लगाया कि विधायक के घर के पीछे अवैध खनन चल रहा है और वह दूसरों पर आरोप लगा रहे हैं.  कोयला चोरी के विरोध में आंदोलन का क्या हुआ? जनता सब कुछ जानती हैं.  राज्यसभा चुनाव के दौरान क्या हुआ, यह भी लोगों से छिपी  नहीं हैं.  उन्होंने कहा कि धनबाद और निरसा  के विकास कार्य में किसी को बाधक नहीं बनने दिया जाएगा।  धनबाद के विकास के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा।