Jharkhand

छात्रों के महाजुटान से गूंजा धनबाद, ‘न झुकेंगे, न डरेंगे’, दीपांकर भट्टाचार्य भी पहुंचे

Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Senior Journalist

धनबाद (DHANBAD): छात्र आंदोलन की गूंज सोमवार को धनबाद में भी सुनाई दी. धनबाद के न्यू टाउन हॉल में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की ओर से Gen Z Rising Jharkhand Chapter के तहत छात्र-युवा महाजुटान का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-युवा शामिल हुए. इस दौरान झारखंड में चल रहे छात्र आंदोलनों को और तेज करने तथा आगे की रणनीति को लेकर विस्तार से चर्चा की गई. कार्यक्रम में आयोजित छात्र युवा संसद के दौरान मुख्य रूप से प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, नौकरी में कथित अनियमितता, बेरोजगारी और सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए गए. वक्ताओं ने कहा कि छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन को और मजबूत किया जाएगा. इस दौरान छात्र आंदोलनों के दौरान पुलिस की ओर से किए गए लाठीचार्ज की भी निंदा की गई. वक्ताओं ने कहा कि अपने अधिकारों और रोजगार की मांग को लेकर आवाज उठाने वाले छात्रों के साथ दमनात्मक रवैया अपनाना उचित नहीं है. 

कार्यक्रम में भाकपा माले के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य भी मौजूद रहे. उन्होंने छात्र-युवा आंदोलन और झारखंड की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर अपने विचार रखे. उन्होंने झारखंड के मुख्यमंत्री का पुतला जलाने के मामले में हुए विरोध और उसके बाद दर्ज एफआईआर को लेकर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने संबंधित मामलों में दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग की।AISA के छात्र नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, रोजगार और युवाओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन आगे भी जारी रहेगा. कार्यक्रम के दौरान छात्र-युवाओं को संगठित कर आंदोलन को व्यापक स्तर पर ले जाने की रणनीति पर भी चर्चा हुई.

दीपांकर भट्टाचार्य ने स्पष्ट किया कि जंतर मंतर के आंदोलन और जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम के आंदोलन में कोई अंतर नहीं. यह तो भाजपा की कोशिश है, जो फर्क करने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि सरकार चाहे किसी की भी हो, छात्रों के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं होगा. युवाओं को भड़काने वाली शक्तियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने खनिज विधेयक के संबंध में कहा कि यह झारखंड का मुद्दा है, किसी पार्टी का नहीं. झारखंड की आमदनी घटेगी तो इसका असर झारखंड की योजनाओं पर पड़ेगा. उन्होंने केंद्र और भाजपा सरकार के खिलाफ कहा कि यह सरकार सत्ता पाने के लिए कुछ भी कर सकती है.