Jharkhand

धनबाद : चापापुर OCP की ब्लास्टिंग से धंसी सड़क, भड़के ग्रामीणों ने रुकवाया खनन कार्य, कंपनी और प्रशासन को दी चेतावनी

Shreya Upadhyay  CE
Shreya Upadhyay CE
Content Writer & Copy Editor

निरसा (NIRSA): धनबाद जिले के निरसा स्थित चापापुर ओसीपी में हो रही लगातार ब्लास्टिंग का असर अब आसपास के ग्रामीण इलाकों पर साफ दिखाई देने लगा है. शुक्रवार को गोपालगंज-बेनागोरिया मुख्य ग्रामीण सड़क का एक बड़ा हिस्सा अचानक धंस गया, जिससे क्षेत्र में आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया. घटना के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने खनन कार्य बंद कराते हुए कंपनी प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया.

जानकारी के अनुसार, सड़क का करीब 10 मीटर हिस्सा लगभग 5 फीट गहराई तक धंस गया है, जबकि आसपास लगभग 50 मीटर क्षेत्र प्रभावित हुआ है. सड़क धंसने से लोगों की आवाजाही बाधित हो गई है और किसी बड़े हादसे की आशंका भी बढ़ गई है. घटना की सूचना मिलते ही जिला परिषद सदस्य पिंकी मरांडी, समाजसेवी अंजलि पासवान और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे. ग्रामीणों ने चापापुर ओसीपी में चल रहे खनन कार्य को तत्काल बंद करा दिया. प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि जब तक सड़क की मरम्मत नहीं की जाती और सुरक्षा की गारंटी नहीं दी जाती, तब तक खनन कार्य शुरू नहीं होने दिया जाएगा.

ग्रामीणों का आरोप है कि ओसीपी में लगातार की जा रही भारी ब्लास्टिंग के कारण पहले भी कई घरों में दरारें आ चुकी हैं. अब सड़क धंसने की घटना ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है. उनका कहना है कि कंपनी की लापरवाही के कारण ग्रामीणों की जान-माल पर खतरा मंडरा रहा है. जिला परिषद सदस्य पिंकी मरांडी ने ओसीपी का संचालन कर रही रेड्डी कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने कहा कि कंपनी की गतिविधियों की जांच कर जिम्मेदार लोगों पर मामला दर्ज किया जाना चाहिए. वहीं समाजसेवी अंजलि पासवान ने ब्लास्टिंग के मानकों की समीक्षा कराने और प्रभावित सड़क की तत्काल मरम्मत सुनिश्चित करने की मांग उठाई.

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि इस समस्या की जानकारी तीन दिन पहले धनबाद सांसद और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को दी गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. लोगों का कहना है कि लगातार अनदेखी के कारण स्थिति और गंभीर होती जा रही है. फिलहाल ग्रामीणों के विरोध के बाद चापापुर ओसीपी में खनन कार्य बंद कर दिया गया है. स्थिति को देखते हुए क्षेत्र में पुलिस बल की तैनाती की गई है. अब लोगों की निगाहें जिला प्रशासन और कंपनी प्रबंधन पर टिकी हैं कि सड़क की मरम्मत और सुरक्षा संबंधी मांगों पर कब तक कार्रवाई की जाती है.

रिपोर्ट: नीरज कुमार