Jharkhand

धनबाद पुलिस गांवों में लगा रही चौपाल, पढ़िए साइबर अपराधियों पर नकेल कसने वाले अभियान की खासियत

Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Senior Journalist

धनबाद (DHANBAD): धनबाद पुलिस साइबर अपराधियों पर नकेल कसने के लिए गांव में चौपाल लगा रही है. ग्रामीणों को जागरूक तो कर ही रही है, लेकिन पुलिस का असली मकसद यह पता लगाना है कि उनके नाम से मोबाइल सिम लेकर कोई दूसरा इस्तेमाल तो नहीं कर रहा है. क्या उनका बैंक अकाउंट कोई और तो नहीं ले रखा है. जानकारी मिलने के बाद पुलिस इन मामलों की जांच कर रही है. पुलिस का मकसद है कि ग्रामीण कानूनी पचड़े से बचे और ग्रामीणों को झांसा देकर फर्जी दस्तावेज पर उनके नाम से सिम और अकाउंट का इस्तेमाल साइबर अपराधी नहीं कर सकें.  

धनबाद पुलिस ने अभी हाल ही में धनबाद के बलियापुर और चिरकुंडा में फर्जी सिम और अकाउंट रेंट पर लेने वाले बड़े नेटवर्क का खुलासा किया था. दोनों छापेमारी में यह खुलासा हुआ था कि साइबर अपराधी ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार सक्रिय हैं. उल्लेखनीय है कि बलियापुर में छापेमारी कर पुलिस ने एक ग्रामीण के नाम पर दर्जनों सिम निर्गत कराने का खुलासा किया था. इनका इस्तेमाल साइबर अपराधी ठगी में कर रहे थे. ग्रामीण किसी सरकारी स्कीम का झांसा देकर उनके आधार कार्ड की कॉपी और बायोमेट्रिक निशान तक ले लेते थे. पुलिस ने छह अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था. 

दूसरी छापेमारी चिरकुंडा में हुई थी, जिसमें भी फर्जी सिम निर्गत कराने का खुलासा हुआ था. ग्रामीणों के नाम पर गलत ढंग से सिम निर्गत कराए गए थे. यह अपराधी बैंक से ग्राहकों की लिस्ट किसी न किसी प्रकार हासिल कर लेते हैं और उसके बाद ठगी करते हैं. दरअसल, धनबाद से सटे जामताड़ा साइबर अपराध की जननी है. यहां से ट्रेनिंग लेकर साइबर अपराधी देश के दूसरे हिस्सों में फैल गए हैं और धीरे-धीरे उनका नेटवर्क मजबूत होता जा रहा है. धनबाद में भी लगातार ठगी के मामले सामने आते रहे हैं. पुलिस अब  ग्रामीण इलाकों में चौपाल लगाकर भोले-भाले ग्रामीणों को सजग कर रही है. दरअसल, ग्रामीणों को सरकारी योजना के नाम पर आसानी से साइबर अपराधी ठग लेते हैं और उसके बाद उनके नाम से निर्गत सिम तथा उनके अकाउंट का इस्तेमाल कर पैसे का हेरा फेरी करते है.