धनबाद(DHANBAD): झरिया के एक अधिवक्ता की हत्या की योजना को पुलिस ने नाकाम कर दिया है. हत्या की योजना को लेकर पहुंचे अपराधियों में से एक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो भागने में सफल रहे. पकड़े गए अपराधी के पास से हथियार और गोली बरामद किया गया है. शनिवार को डीएसपी (ला एंड ऑर्डर )ने इसकी पुष्टि की और बताया कि 12 सितंबर को भूली पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि देर रात कुछ अपराधी भूली इलाके में पहुंचने वाले है. उनका मकसद किसी आपराधिक घटना को अंजाम देने की है.
सूचना मिलते ही पुलिस ने वरीय अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई और एक टीम का गठन कर कार्रवाई शुरू की गई. पुलिस टीम रात करीब दो बजे तक बताए गए इलाके में अपराधियों के आने का इंतजार करती रही। करीब ढाई बजे दो बाइक पर चार युवक वहां पहुंचे। पुलिस ने जैसे ही उन्हें पकड़ने के लिए घेराबंदी शुरू की, तीन युवक बाइक से मौके से फरार हो गए. वहीं, भागने के दौरान पुलिस ने एक युवक को पकड़ लिया। पकड़े गए युवक की पहचान आसिफ आलम के रूप में हुई , जो ईस्ट बसुरिया का रहने वाला है।
पुलिस ने आसिफ आलम की तलाशी ली, तो उसके पास से एक देशी कट्टा और एक गोली बरामद हुई। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।पूछताछ के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि रामगढ़ जेल में बंद एक अपराधी के संपर्क में आसिफ था। पुलिस के अनुसार, दोनों के बीच संपर्क के जरिए झरिया में रहने वाले अधिवक्ता जावेद की हत्या की योजना बनाई जा रही थी।पुलिस के मुताबिक, अधिवक्ता जावेद ने कई मामलों में इन लोगों से पैसे लिए थे, लेकिन उनके काम नहीं हो पाए। इसी बात को लेकर आरोपी अधिवक्ता से नाराज थे और उसकी हत्या की साजिश रच रहे थे।
जांच में यह भी सामने आया कि हत्या की योजना के तहत अधिवक्ता जावेद की रेकी भी की गई थी। पुलिस अब इस मामले में रामगढ़ जेल में बंद आरोपी और उसके संपर्क में रहने वाले लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद आसिफ ईस्ट बसुरिया का रहने वाला है और पुलिस के अनुसार, वह इससे पहले भी तीन बार जेल जा चुका है। डीएसपी ने बताया कि मामले की पूरी जानकारी अधिवक्ता जावेद को दे दी गई है। पुलिस फरार तीनों आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है और पूरे मामले की जांच जारी है.
