Jharkhand

धनबाद:पाथरडीह कोल वाशरी में बड़ा हादसा, वेल्डिंग मशीन फटने से 3 मजदूर घायल

Diksha Benipuri
Diksha Benipuri
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धनबाद: झरिया के पाथरडीह कोल वाशरी में गुरुवार को काम के दौरान अचानक वेल्डिंग मशीन में विस्फोट हो गया. हादसे में तीन मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना के बाद वाशरी परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई. मौके पर मौजूद अन्य मजदूरों और कंपनी के अधिकारियों ने तत्काल घायलों को चासनाला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने सभी का प्राथमिक उपचार किया.

बताया जा रहा है कि पाथरडीह कोल वाशरी में एसीबी कंपनी के पेटी ठेकेदार आरके कंस्ट्रक्शन के माध्यम से बीसीसीएल के निर्माण से जुड़ा काम कराया जा रहा है. इसी कार्य के तहत करीब 2.5 मीट्रिक टन क्षमता से संबंधित निर्माण कार्य चल रहा था. गुरुवार को कुछ मजदूर वेल्डिंग का काम कर रहे थे. इसी दौरान अचानक मशीन फट गई और उसके आसपास काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए.

हादसे में तीन श्रमिक घायल हुए हैं. इनमें एक मिस्त्री और एक हेल्पर की स्थिति ज्यादा गंभीर बताई जा रही है. दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए धनबाद स्थित शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SNMMCH) रेफर कर दिया. वहीं तीसरे घायल मजदूर का इलाज चासनाला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में किया जा रहा है.

घटना के बाद कार्यस्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं. मजदूर नेता नीताई महतो ने ठेका कंपनी पर सुरक्षा नियमों की अनदेखी का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि श्रमिकों से अपेक्षाकृत कम मजदूरी पर काम कराया जा रहा है, लेकिन काम के दौरान उनकी सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम पर्याप्त नहीं हैं.

मजदूर नेता के मुताबिक, कार्यस्थल पर इस्तेमाल होने वाली मशीनों और उपकरणों का नियमित रखरखाव भी नहीं किया जाता. उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार श्रमिकों को जरूरी सुरक्षा साधनों के बिना ही काम करना पड़ता है. ऐसे में मशीन में खराबी या तकनीकी समस्या होने पर दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है.

नीताई महतो ने हादसे की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने कहा कि मजदूरों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए. कार्यस्थल पर सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने के साथ मशीनों की नियमित जांच और मेंटेनेंस भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए.

हादसे के बाद मजदूरों में नाराजगी देखी गई. श्रमिकों ने भी सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करने की मांग की, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं को रोका जा सके.