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Jharkhand

Dhanbad Encounter:जिस समय बिहार के कुख्यात बिंदु सिंह गिरोह का कोयलांचल में आतंक था,उस वक्त शंकर डे क्यों सुर्खियों में रहता था?

Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Senior Journalist

धनबाद(DHANBAD):  2010 के दशक में धनबाद में बिहार के कुख्यात बिंदु सिंह का आतंक था.  रंगदारी के लिए धमकी का सिलसिला चल रहा था. बिंदु सिंह के गैंग में अच्छे -अच्छे घरों के लड़के  शामिल हो गए थे. कारोबारी और डॉक्टर गिरोह के निशाने पर रहते थे.  इस समय कुख्यात अपराधी शंकर डे  का नाम भी सुर्खियों में था.  यह वही समय था, जब 2009 में धनबाद के प्रसिद्ध कपड़ा कारोबारी बिहारी लाल चौधरी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.  इस घटना के बाद धनबाद हिल गया था.  कारोबार जगत सकते  में आ गया था.  बिहारी लाल चौधरी धनबाद में बड़ा नाम था.  रंगदारी नहीं देने की वजह से उनकी हत्या कराई गई थी ,उस समय ऐसा खुलासा हुआ था. इस हत्याकांड में शंकर  डे का भी नाम भी सामने आया था. 
 
बिहारी लाल चौधरी की बिल्कुल घर के पास किया गया था मर्डर 
 
बिहारी लाल चौधरी केंदुआडीह  बाजार की अपनी दुकान को बंद कर बेटे के साथ घर लौट रहे थे.  बैंक मोड़ के टेलीफोन एक्सचेंज रोड के पास उनका घर था.  जैसे ही वह घर के पास पहुंचे, घात लगाए अपराधियों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी.  इस घटना में उनकी मौत हो गई थी.  टुंडी के मनियाडीह  में पुलिस के साथ मुठभेड़ की वजह से शंकर डे  एक बार फिर चर्चा में है.  फिलहाल वह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में SNMMCH  में भर्ती है.  उसका इलाज चल रहा है.  वह पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर का रहने वाला है, लेकिन उसका आपराधिक कार्य क्षेत्र कोयलांचल  रहा है.  धनबाद में अपराध के लिए वह कुख्यात रहा है. 

मनियाडीह में मंगलवार की देर रात को हुआ मुठभेड़ 

बता दे कि धनबाद के मनियाडीह में मंगलवार की देर रात को पुलिस और कुख्यात अपराधी शंकर डे में  आमना-सामना हो गया. पुलिस कुख्यात को हथियार बरामद कराने के लिए लेकर मनियाडीह गई थी.इस दौरान कुख्यात अपराधी फायरिंग कर भागने की कोशिश की तो पुलिस टीम ने उसे घायल करने के बाद  गिरफ्तार कर लिया.  यह घटना टुंडी प्रखंड के मनियाडीह में रात लगभग 11:00 बजे हुई बताई गई है. सूत्रों के अनुसार एक एएसआई की पिस्टल छीनकर फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश कर रहे शंकर डे पर पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की. जिसमें उसके पैर में गोली लगी. जानकारी के अनुसार पुलिस ने उसे मैथन क्षेत्र से पकड़ा था. उसने बताया था कि हथियार मनियाडीह में छुपा कर रखा गया है. हथियार बरामदगी के लिए  पुलिस उसे मनियाडीह लेकर गई थी. प्रारंभिक पूछताछ में उसने पुलिस के सामने कई खुलासे किए हैं. 

शंकर डे ने कई घटनाओं में संलिप्तता स्वीकारी है 

शंकर डे गोंदूडीह और बरवाअड्डा क्षेत्र में हुई घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है. सूत्रों के अनुसार खरिकाबाद के जिस राम प्रताप प्रसाद की हत्या में वह पकड़ा गया है, उसके साथ उसने मिलकर  झरिया के बस्ता कोला निवासी उमेश यादव की गोली मारकर हत्या कर दी थी. उमेश यादव कलेक्शन के बाद लौट रहे थे. दोनों ने उनसे कलेक्शन के रुपए भी छीन लिए थे. शंकर डे ने 9 नवंबर 25 को बरवा अड्डा स्थित बाजार समिति परिसर में थोक कारोबारी श्याम भीमसरिया पर जानलेवा हमले और लूट की बात भी कबूली है .उसने बताया है कि बाइक सवार तीन अपराधियों ने कारोबारी को घेर कर तीन राउंड फायरिंग की थी. जब उन्होंने रुपए से भरा बैग देने का विरोध किया तो उन्हें लहूलुहान कर दिया गया था. घटना के विरोध में स्थानीय कारोबारियों ने अपराधियों की गिरफ्तारी को मांग कर लेकर बाजार समिति को बंद रखा था. पुलिस सूत्रों के अनुसार शंकर डे कई मामलों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है. वह खूंखार अपराधी भी रहा है. धनबाद के कई हत्या और लूट के मामलों में शामिल रहने की बात सामने आई है .अब पुलिस उसके साथियों की तलाश में छापेमारी कर रही है.

राम प्रताप प्रसाद हत्याकांड में हुई है गिरफ्तारी 

सूचना के नुसार राम प्रताप प्रसाद हत्याकांड के आरोपी शंकर डे उर्फ पिंकू डे को मंगलवार  गिरफ्तार किया गया.  पुलिस की पूछताछ में उसने पैसे के बंटवारे के विवाद में राम प्रताप की हत्या करने की बात स्वीकारी। जानकारी के अनुसार, गोंदूडीह ओपी क्षेत्र के नौ नंबर खरीकाबाद निवासी मीना देवी ने करीब तीन माह पहले अपने पति राम प्रताप प्रसाद के लापता होने की लिखित शिकायत पुलिस से की थी. बताया जाता है कि राम प्रताप अपनी पत्नी से वर्द्धमान स्थित मामा के घर जाने की बात कहकर निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। 

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