Jharkhand

Dhanbad Crime File: माफियाओं से इतर अब क्या नए -नए रंगरूट लिख रहे अपराध की कहानी ,कहां से मिल रहा टॉनिक 

Satya Bhushan Singh Dhanbad
Senior Journalist
Dhanbad Crime File: माफियाओं से इतर अब क्या नए -नए रंगरूट लिख रहे अपराध की कहानी ,कहां से मिल रहा टॉनिक 

धनबाद(DHANBAD): "लक्ष्मी" और "सरस्वती" की बराबर -बराबर कृपा वाले धनबाद का इतिहास क्या अब माफियाओं से इतर टुकड़े-टुकड़े गैंग में बंटें  अपराधियों से लिखी जाएगी।  आखिर इतने हथियार कहां से पहुंच रहे हैं कि  बात-बात में फायरिंग कर दी जा रही है.   पिछले एक  महीने की घटनाओं पर अगर नजर डाली  जाए तो लोयाबाद में बड़ी घटना हुई.  पुलिस ने गिरफ्तारियां की, फिर छाताबाद  ग्राउंड में गोली  और बम चले.  उसके बाद मंगलवार को ही कतरास के बहियारडीह  गांव में भारी फसाद हुआ.  यहां भी गोली और बम चले.  सबके पीछे अवैध कोयले की कहानी सामने आ रही है.  ग्रामीण विरोध कर रहे हैं कि अवैध खनन की वजह से इलाके की सुरक्षा पर खतरा पैदा हो गया है.  यह  विरोध अवैध खनन से "धन पशु" बने दबंग बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं और फायरिंग की घटनाएं हो जा रही हैं.  सूचना के अनुसार बुधवार को घनुडीह  में भी फायरिंग की घटना के आरोप लगे है.  लेकिन यह विवाद  ओवर बर्डन को लेकर बताया जा रहा है.  ओवर बर्डन की डंपिंग भी कोयलांचल में एक नासूर समस्या बनती जा रही है. 

झरिया में धनंजय यादव की हत्या ने कैसे चौंकाया था 
 
अगर आपको दो-तीन साल पीछे लेकर चले तो झरिया में धनंजय यादव की हत्या हुई थी.  यह  घटना 31 जुलाई 2003 की आधी रात के बाद  हुई थी.  घर में घुसकर पत्नी और बेटियों के सामने धनंजय यादव का गला रेत  दिया गया था.  हत्यारे पहले बेटी और पत्नी को मारने की धमकी देकर धनंजय यादव को विवश  किये , उसके बाद उसे असहाय कर उसकी हत्या कर दी गई थी.  बताया जाता है कि 31 जुलाई की उस काली रात को अपराधियों ने सबसे पहले धनंजय यादव के घर की चारदीवारी को फांद  कर घर में प्रवेश किया था.  इसके बाद दरवाजा खुलवाया, जैसे ही धनंजय यादव की पत्नी ने दरवाजा खोला, अपराधियों ने हथियार के नोक पर सबको कब्जे में ले लिया।  अपराधियों ने दोनों बेटी और पत्नी पर हथियार तानते  हुए जान मारने की धमकी दी.  यह  सुन धनंजय यादव खुद को आत्म समर्पण करते हुए कहा कि मुझे मार दो, लेकिन मेरी पत्नी और बच्चों को छोड़ दो.  उसके बाद अपराधियों ने निर्ममता  से उसकी हत्या कर दी थी.  यह  घटना सबको चौंका  दिया था.  आखिर अपराधियों को इतनी साहस कैसे हुई कि  आधी रात के बाद पहुंचे और इतनी बड़ी घटना को अंजाम दे दिया।  
 
मंगलवार को कतरास के सोनरडीह  की घटना भी कम गंभीर नहीं 

 मंगलवार को कतरास के सोनरडीह जो घटना हुई, उसमें पुलिस भी निशाने पर रही.  मामले को नियंत्रित करने के लिए कई थानों की पुलिस को पहुंचना पड़ा. दबंगों को इतनी "टॉनिक" आखिर कहां से मिल रही है कि वह कुछ भी करने की सोच बैठते है. इधर, झरिया के घनुडीह  चीना  कोठी बस्ती से सेट क्षेत्र में सिंह नेचुरल आउटसोर्सिंग परियोजना के विस्तार को लेकर बुधवार को बवाल हो गया.  बस्ती के समीप ओवर बर्डन डंपिंग का विरोध कर रहे ग्रामीण और कंपनी समर्थकों के बीच विवाद इतना  बढ़ गया कि  मारपीट और फायरिंग के आरोप  भी लगाए गए हैं.  घटना की सूचना पर मेयर संजीव सिंह और पुलिस घटनास्थल पर पहुंचे।  मेयर ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है.  मेयर का कहना है कि ग्रामीणों  की आपत्ति के बाद भी बस्ती के समीप ओबी  डंपिंग की जा रही थी.  स्थानीय लोगों ने जब इसका विरोध किया तो उनके साथ मारपीट करने और फायरिंग की भी शिकायत मिली है.  यदि समय पर पुलिस नहीं पहुंचती तो कोई बड़ी घटना हो सकती थी.  जब तक पूरे मामले पर प्रशासन, कंपनी प्रतिनिधियों और ग्रामीणों के साथ बैठक नहीं हो जाती, तब तक विवादित स्थल पर  डंपिंग अथवा किसी भी नए कार्य की अनुमति नहीं दी जा सकती है.