धनबाद (DHANBAD) : जगजीवन नगर स्थित श्रम कार्यालय के समक्ष सुरक्षा प्रहरी कर्मचारी संघ ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सांकेतिक भूख हड़ताल की. इस दौरान बड़ी संख्या में सुरक्षा गार्ड और संघ के पदाधिकारी मौजूद रहे. प्रदर्शनकारियों ने आईआईटी से हटाए गए 110 सुरक्षा गार्डों की तत्काल पुनर्बहाली और संस्थान का पंजीकरण रद्द करने की मांग उठाई.
मांगों पर कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया
संघ के नेताओं ने बताया कि करीब 14 महीने पहले 110 सुरक्षा गार्डों को बिना किसी उचित कारण के काम से हटा दिया गया था. इसके बाद से लगातार श्रम विभाग और संबंधित अधिकारियों से न्याय की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है. उनका कहना है कि कई बार आईआईटी के निदेशक से भी बातचीत की गई, लेकिन उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया.
संघ का आरोप है कि लंबी कानूनी और विभागीय प्रक्रिया के बाद यह सामने आया कि संस्थान का पंजीकरण नियमों के अनुरूप नहीं है. साथ ही संस्थान पर अनुचित श्रम व्यवहार करने का भी आरोप है. इस मामले को कार्रवाई के लिए दिल्ली भेजा गया है, लेकिन अब तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है.
आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं उनके परिवार
प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने कहा कि विभाग की देरी का सबसे अधिक नुकसान मजदूरों को उठाना पड़ रहा है. कई कर्मचारी पिछले 25 वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे थे, लेकिन नौकरी जाने के बाद उनके परिवार आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं. कई बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, जबकि कुछ कर्मचारियों की बेटियों की शादी भी आर्थिक तंगी के कारण रुकी हुई है.
दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि बिना किसी ठोस कारण के कर्मचारियों को नौकरी से निकालना पूरी तरह अन्यायपूर्ण है. उन्होंने श्रम विभाग से जल्द हस्तक्षेप कर सभी सुरक्षा गार्डों को फिर से काम पर रखने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की.
अंत में संघ ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा. उन्होंने कहा कि मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष लगातार जारी रहेगा और जरूरत पड़ने पर बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा.
रिपोर्ट – नीरज कुमार
