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Jharkhand

धनबाद: भटिंडा फाल में डूबने का खतरा अब होगा कम, तोपचांची झील और पंचेत डैम अब "ए" श्रेणी में, जानिए क्या होंगें फायदे ?

Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Senior Journalist

धनबाद (DHANBAD): धनबाद का भठिंडा फॉल जितना आकर्षक है, उतना ही जानलेवा भी है. भठिंडा फॉल के आकर्षण में लोग नीचे उतरते हैं और फिर पानी के बहाव में डूब मरते है, 11 अगस्त की घटना को ही ले लीजिए, जन्मदिन मनाने 14 वर्षीय आयुष पांडे वहां पहुंचा हुआ था. आयुष पांडे पानी के पास फोटो खींचने के दौरान गहरे पानी में चला गया. उसे बचाने के लिए उनके चाचा पानी में छलांग  लगाई थी, लेकिन वह भी तेज बहाव में डूब गए और दोनों चाचा-भतीजा की मौत हो गई थी. लेकिन अब जिला प्रशासन सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था करने का निर्णय लिया है. भठिंडा फॉल के पर्यटकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए फॉल  को और सुरक्षित बनाने के लिए फॉल की चट्टानों में भारी लोहे की सिकड़ या फेंसिंग करने का निर्णय लिया गया है.  

उपायुक्त आदित्य रंजन की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला पर्यटन संवर्धन परिषद की समीक्षा बैठक हुई. इसमें पर्यटन स्थलों के समग्र विकास, पर्यटक सुरक्षा डिजिटल निबंधन, भटिंडा और मैथन क्षेत्र के एकीकृत विकास पर चर्चा की गई. खेल एवं पर्यटन पदाधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय जल क्रीड़ा संस्थान द्वारा मोराबादी (रांची) में भटिंडा के 10 स्थानीय युवाओं को लाइफ-सेविंग तकनीक एवं पॉवरबोट हैंडलिंग का 10 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण दिलाया गया है. साथ ही, स्थल पर सुरक्षित बोटिंग संचालन के लिए आधिकारिक लाइसेंस जारी किए गए हैं और खतरनाक क्षेत्रों, चट्टानों व जलकुंडों के समीप विस्तृत दिशा-निर्देश व आपातकालीन संपर्क बोर्ड लगाए गए है.

बैठक में तोपचांची झील में पेवर ब्लॉक, ट्री-चबूतरा निर्माण, सिटिंग चेयर मरम्मत व हाई मास्ट लाइट अधिष्ठापन, भटिंडा फॉल में कार पार्किंग/शेड, सोलर लाइट, शौचालय जीर्णोद्धार व साइनेज बोर्ड की स्थापना, वन काली मंदिर (गोविंदपुर), दुखहरणी मंदिर (झरिया), कतरास लिलोरी मंदिर, दलदली आश्रम (कलियासोल), बिरसा मुंडा पार्क (धनबाद), बूढ़ा बाबा शिव मंदिर (बाघमारा), गंगापुर लिलोरी मंदिर, चासनाला कल्यानेश्वरी मंदिर तथा भागुडीह डैम (टुंडी) में यात्री शेड, पेयजल प्लेटफॉर्म, सोलर हाई मास्ट लाइट व पहुंच पथ का सुदृढ़ीकरण के प्रस्ताव को सहमति दी गई. 

साथ में जिले के खंडेश्वरी मंदिर (लुबी सर्कुलर रोड), वामनगोड़ा जलप्रपात (जमुनिया नदी, बाघमारा), बारबिंदिया बराकर नदी तट (निरसा), बाबा कपिलेश्वर धाम / पंच पांडेश्वर मंदिर (पांद्रा, निरसा), श्री साईं मंदिर (रोहड़ाबांध, सिंदरी), बाबा बटेश्वर मंदिर (शिवपुर, बलियापुर), शिव मंदिर व झील (बेहंचिया, गोविंदपुर), डोमगढ़ घाट - रिवरफ्रंट (दामोदर तट, सिंदरी), ग्राम थान (चिकनिया, गोविंदपुर), मड़ईथान (बड़ादाहा, बलियापुर), माँ रतौड़ी थान (आमटांड, बलियापुर), 108 महादाना ग्राम देवता (गोलमारा, बलियापुर), बूढ़ा बाबा मंदिर (अलकडीहा, बलियापुर), जियारी थान (प्रधानखंता, बलियापुर व खेलाई चंडी पूजा स्थल (पहाड़पुर, बलियापुर) सहित 15 ऐतिहासिक, प्राकृतिक एवं धार्मिक महत्व के गैर-अधिसूचित स्थलों को 'डी-श्रेणी' पर्यटन स्थल के रूप में अधिसूचित करने हेतु अनुशंसित किया गया.

तोपचांची झील एवं पंचेत डैम को "बी" से "ए" श्रेणी में, भटिंडा फॉल को "सी" से "बी" में लिलोरी मंदिर कतरास एवं प्रियदर्शनी पार्क सिंदरी को "डी" से "सी" श्रेणी में स्थानांतरित किया गया. वहीं श्रेणी 'ए' के प्रमुख पर्यटन स्थल मैथन डैम के समेकित एवं योजनाबद्ध विकास के लिए 'मैथन टूरिज्म डेवलपमेंट अथॉरिटी' गठित करने, महुदा के ब्रह्म बाबा मंदिर एवं तेलमच्चो शिव मंदिर के जिर्णोद्धार का प्रस्ताव रखा गया. बैठक में उपायुक्त ने जिले के सभी प्रमुख सड़क मार्गों, रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों और पर्यटन स्थलों के प्रवेश द्वारों पर झारखण्ड पर्यटन विभाग के ब्रांडिंग मानकों के अनुरूप साइन बोर्ड एवं होर्डिंग्स स्थापित कराने, दिसंबर एवं जनवरी महीने में मैथन डैम में विशेष रूप से मोबाइल टॉयलेट्स की व्यवस्था करने, बाबा बटेश्वर मंदिर में ईको टूरिज्म विकसित करने, जियारी थान (प्रधानखंता) में प्रकृति पथ चिह्नित करने का निर्देश दिया.

बैठक में सिंदरी के विधायक  चंद्रदेव महतो, जिला परिषद की अध्यक्ष श्रीमती शारदा सिंह, उपायुक्त  आदित्य रंजन, उप विकास आयुक्त सन्नी राज, नगर आयुक्त आशिष गंगवार, सांसद प्रतिनिधि नितीन भट्ट, विधायक टुंडी के प्रतिनिधि जगदीश कुमार चौधरी, विधायक धनबाद के प्रतिनिधि रविन्द्र कुमार सिन्हा, झरिया विधयक के प्रतिनिधि नवीन कुमार, विधायक निरसा के प्रतिनिधि सम्राट चौधरी, जिला खेल एवं पर्यटन पदाधिकारी उमेश लोहरा, आपदा प्रबंधन पदाधिकारी  संजय कुमार झा, बिनोद बिहारी महतो स्मारक समिति, भटिंडा के सदस्य सहित अन्य लोग मौजूद थे.