धनबाद (DHANBAD): धनबाद के बहुचर्चित रिकवरी एजेंट उपेंद्र सिंह हत्याकांड के मामले में धनबाद पुलिस फिर से जाँच शुरू कर सकती है. इसमें कुछ और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं. उपेंद्र सिंह धनबाद का चर्चित रिकवरी एजेंट था. उसके ऊपर कई हमले हुए थे. लेकिन फरवरी 2023 को हुए हमले में उसकी जान चली गई. उपेंद्र सिंह के बेटे के सामने ही ताबड़तोड़ गोलिया बरसाकर उसकी हत्या कर दी गई थी. इसके पहले सूत्रों के अनुसार 22 मार्च 2018 को बैंक मोड़ इलाके में अपराधियों ने उपेंद्र सिंह पर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी. कहते है कई सात गोलियां लगी थी. लेकिन लंबे इलाज के बाद वह स्वस्थ हो गया था.
अक्टूबर 22 में भी हुआ था हमला
अक्टूबर 22 को अपने परिवार के साथ बक्सर जाने के दौरान बरही में अपराधियों ने फायरिंग की थी. लेकिन उसमें भी उपेंद्र सिंह की जान बच गई थी. लेकिन 1 फरवरी 2023 को धनबाद के पीके राय कॉलेज परिसर में अपराधियों ने फायरिंग की, जिस वजह से उसकी मौत हो गई. इस मामले में नाटकीय मोड़ तब आया जब कुख्यात प्रिंस खान गैंग का मेजर उर्फ सैफ अब्बास नकवी ने सनसनीखेज खुलासा किया. उसके बाद धनबाद पुलिस के कान खड़े हुए. उसके बाद धनबाद पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई, पुलिस विशाल मिश्रा को खोज रही थी.
विशाल मिश्रा ने भी खोले कई राज
इसके बाद विशाल मिश्रा हज़ारीबाग़ गोरहर के एक पुराने मामले में कोर्ट में सरेंडर कर दिया था. फिर पुलिस ने उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की. विशाल मिश्रा ने भी पूछताछ में सनसनीखेज खुलासा किया और मेजर के खुलासे को दुहराया. उसने यह भी बताया कि धनबाद जेल में तैयार थी उपेंद्र सिंह की हत्या की प्लानिंग। बता दे कि दबंग रिकवरी एजेंट उपेंद्र सिंह की सुबह 8:00 बजे पीके राय कॉलेज गेट के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. अपराधियों ने कई गोलियां मारी थी. अपराधी जब निश्चिन्त हो गए कि अब जान चली गई है, तब वहां से हटे. उपेंद्र सिंह अपनी बाइक से सुबह-सुबह अपने बेटे को पीछे बैठकर कॉलेज छोड़ने गया था. जैसे ही बेटा बाइक से उतरकर भीतर गया, पीछे से दो बाइक सवारों ने उपेंद्र सिंह की पीठ में गोलियां मार दी. उपेंद्र सिंह बाइक से उतर कर जान बचाने के लिए कॉलेज के भीतर भगा, मगर पीछे से भी फायरिंग की गई और उसकी मौत हो गई.
