धनबाद (DHANBAD): रांची में छात्रों के आंदोलन के बीच रविवार को झारखंड के कांग्रेस प्रभारी के राजू धनबाद पहुचें. धनबाद में उनका कार्यक्रम चल रहा है. सवाल किये जा रहे हैं कि रांची में झारखंड आंदोलन के बीच छात्रों को लेकर कांग्रेस पार्टी का क्या स्टैंड है? इस पर झारखंड प्रभारी को पार्टी का स्टैंड क्लियर करना चाहिए. अब आंदोलनरत छात्रों के निशाने पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी आ गए हैं. छात्र कह रहे हैं कि आंदोलन के बीच राहुल गांधी ने छात्रों से बात जरूर की थी. लेकिन सिर्फ इतने से काम नहीं चलेगा. अब कांग्रेस-झामुमो से मिलकर छात्रों के साथ "खेल "कर रही है.
छात्रों ने कांग्रेस नेतृत्व से कर दी है बड़ी डिमांड
कांग्रेस को अगर छात्रों की चिंता है, तो वह सरकार से समर्थन वापस ले. यह अलग बात है कि राहुल गांधी ने पहले ही कहा था कि वह छात्रों के साथ जहां भी अत्याचार हो रहा है, उसके खिलाफ हैं. लेकिन यह बात भी सच है कि झारखंड के आंदोलन में कांग्रेस बच-बचाकर चल रही है. यह अलग बात है कि कुछ दिन पहले सरकार में शामिल कांग्रेस के चारों मंत्रियों ने संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी और अपनी बात रखी थी. सरकार के हाई पावर कमिटी में भी कांग्रेस कोटे की मंत्री शामिल थी. लेकिन इससे छात्र संतुष्ट नहीं दिखे.
अब आर-पार की लड़ाई के मूड में छात्र
छात्र अब आंदोलन को तेज करने का निर्णय लिया है. आंदोलन को लोकतांत्रिक ढंग से आक्रामक बनाने की घोषणा की है. जेपीएससी और जेएसएससी रिफॉर्म मंच ने 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास को घेरने का आह्वान किया है. उन्होंने घोषणा कर दी है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होगी, तब तक मुख्यमंत्री आवास के सामने बैठे रहेंगें. 15 अगस्त को और उसके पहले मुख्यमंत्री की छात्रों से अपील और छात्रों के पक्ष में की गई घोषणाओं से छात्र संतुष्ट नहीं हैं. छात्र कह रहे हैं कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से चल रहा है. लेकिन सरकार अब इस भाषा को नहीं समझ रही है. छात्र ऐलान कर रहे हैं कि उन्होंने महात्मा गांधी के अहिंसा को भी पढ़ा है, तो सुभाष चंद्र बोस और भगत सिंह की जीवनी को भी पढ़ा है.
