Jharkhand

सनहा के बदले 5 हजार रुपये रिश्वत लेते कंप्यूटर ऑपरेटर गिरफ्तार, ACB ने रंगे हाथ दबोचा

Shreya Upadhyay  CE
Shreya Upadhyay CE
Content Writer & Copy Editor

धनबाद (DHANBAD): बीमा क्लेम के लिए थाना से सनहा लेने पहुंचे एक व्यक्ति से कथित तौर पर 5 हजार रुपये रिश्वत मांगने के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) धनबाद ने कार्रवाई की है. टीम ने मधुबन थाना परिसर में रिश्वत की रकम लेते विक्रम कुमार चौधरी को रंगेहाथ गिरफ्तार किया. मामले में मधुबन थाना प्रभारी दिपेश कुमार को भी प्राथमिकी में अभियुक्त बनाया गया है. मामला एक स्कार्पियो वाहन से संबंधित है. परिवादी की स्कार्पियो 19 जुलाई 2026 को चैनपुर में दुर्घटना का शिकार हो गई थी. हादसे में किसी व्यक्ति के घायल होने या जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं थी. वाहन के बीमा का दावा करने के लिए टाटा एआईजी इंश्योरेंस कंपनी की ओर से थाना से लिखित सनहा मांगा गया था. इसी दस्तावेज को हासिल करने के लिए परिवादी मधुबन थाना पहुंचा था. आरोप है कि सनहा जारी करने के एवज में थाना प्रभारी दिपेश कुमार ने उससे 5 हजार रुपये की मांग की.

रिश्वत देने के बजाय ACB से की शिकायत
परिवादी ने कथित तौर पर रिश्वत की रकम देने से इनकार करते हुए मामले की शिकायत एसीबी धनबाद के पुलिस अधीक्षक से की. शिकायत मिलने के बाद एसीबी की ओर से आरोपों की प्रारंभिक जांच और सत्यापन कराया गया. एसीबी के मुताबिक, सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगने से संबंधित आरोपों की पुष्टि हुई. इसके बाद टीम ने आरोपी को पकड़ने के लिए कार्रवाई की योजना तैयार की.

एसीबी के अनुसार, थाना प्रभारी के निर्देश पर विक्रम कुमार चौधरी ने मधुबन थाना प्रभारी के कक्ष में परिवादी से 5 हजार रुपये लिए. जैसे ही रिश्वत की रकम का लेन-देन हुआ, पहले से मौजूद एसीबी टीम ने कार्रवाई करते हुए विक्रम कुमार चौधरी को पकड़ लिया. गिरफ्तारी के दौरान मौके पर दंडाधिकारी और दो स्वतंत्र गवाह भी मौजूद थे. एसीबी टीम ने कथित रिश्वत की रकम बरामद करने के बाद आरोपी को हिरासत में ले लिया. इस कार्रवाई के बाद मधुबन थाना प्रभारी दिपेश कुमार को मामले में प्राथमिकी अभियुक्त बनाया गया है. एसीबी की ओर से मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है. अधिकारियों के अनुसार, पूरे प्रकरण से जुड़े तथ्यों और अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है.