धनबाद(DHANBAD): धनबाद में कोयला चोरी अब बड़ा मुद्दा बन गया है. यह राजनीतिक मुद्दा भी बनता जा रहा है तो कोयला मंत्रालय के दबाव में ही सही, बीसीसीएल भी अब कमर कसने को तैयार है. नई-नई तकनीक का उपयोग कर कोयला चोरी रोकने की कोशिश शुरू कर दी गई है. सीआईएसए को एमएमडीआर एक्ट के तहत अधिकार मिल गए हैं. अब सीआईएसएफ भी सीधी कार्रवाई कर सकता है.
इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर में होगा आईपी फोन
जानकारी के अनुसार बीसीसीएल मुख्यालय में अवैध खनन एवं कोयला चोरी के खिलाफ प्रभावी एक्शन के लिए हाई लेवल मीटिंग हुई है. इस बैठक में कई रणनीति पर चर्चा की गई. सूचना के मुताबिक इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर में आईपी फोन की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया. इसका मकसद है कि साक्ष्य आधारित कॉल रिकॉर्डिंग उपलब्ध हो सके. अब बीसीसीएल एरिया प्रबंधन एवं सीआईएसएफ आपस में समन्वय बनाकर अभियान शुरू करेंगें. सीआईएसएफ को तो अब सीधी कार्रवाई का अधिकार मिल गया है. बैठक में सभी क्षेत्रीय महाप्रबंधक और सीआईएसएफ के बड़े अधिकारी के साथ बीसीसीएल के प्रमुख अधिकारियों ने हिस्सा लिया.
बैठक में कोयला अधिकारियो की सुरक्षा पर भी हुई चर्चा
इस बैठक में सुरक्षा व्यवस्था और अवैध खनन एवं कोयला चोरी की रोकथाम के लिए पूर्व में लिए गए निर्णयो की समीक्षा भी की गई. महत्वपूर्ण बात यह रही कि कतरास क्षेत्र के महाप्रबंधक के साथ की गई घटना की भी चर्चा हुई. इस घटना की जानकारी कोयला मंत्रालय को देने पर भी निर्णय हुआ, दरअसल, बीसीसीएल के अधिकारी जब कोयला चोरी के खिलाफ प्रभावी एक्शन ले रहे हैं, तो कोयला चोर और तस्कर बौखला गए है. उन पर लगातार हमले किए जा रहे है. ऐसी घटनाओं से कोयला अधिकारियों में भी भय का माहौल बन गया है. ऐसे में बीसीसीएल के सामने एक बड़ी चुनौती है कि कैसे अधिकारियों को सुरक्षा का भरोसा दिया जाये.
