धनबाद(DHANBAD): धनबाद में दो माननीय में विवाद के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बड़ा आदेश दिया है. उन्होंने जीरो कोल् लीकेज प्लान लागू करने का आदेश दिया है. इसके बाद सवाल किये जा रहे हैं कि आखिर केंद्रीय गृह मंत्री ने किसे चेतावनी दी है? इस आदेश को धनबाद के लोग चेतावनी के रूप में देख रहे है. गृहमंत्री ने कोयला खनन के संवेदनशील इलाकों में कई स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही अवैध खनन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने को भी कहा है. गृह मंत्री अमित शाह रविवार को एक हाई लेवल बैठक में अवैध कोयला खनन और कोयला चोरी के मामलों की समीक्षा कर रहे थे. इस बैठक में केंद्रीय कोयला मंत्री भी मौजूद रहे.
आपसी तालमेल के साथ स्वीकृत एसओपी के अनुसार काम करें
अमित शाह ने कोल इंडिया के अधिकारियों से कहा कि वह खुद को मिली शक्तियों का सख्ती से इस्तेमाल करें और आपसी तालमेल के साथ स्वीकृत एसओपी के अनुसार काम करें। उन्होंने धनबाद और आसपास के इलाकों में अवैध कोयला खनन पर चिंता जताई। महत्वपूर्ण बात यह रही कि उन्होंने कहा कि अभियान में जीएसटी अधिकारियों को भी शामिल किया जाए. उनके शामिल होने से सिर्फ कानूनी तरीके से निकाले गए कोयले का ही कारोबार सुनिश्चित हो सकेगा। उन्होंने सीआईएसएफ को क्विक रिस्पांस टीम बनाने का भी निर्देश दिया। संवेदनशील इलाकों में कई स्तर वाली सुरक्षा व्यवस्था बनाने का भी निर्देश दिया। जिससे कि गैर कानूनी खनन करने वालों के खिलाफ जानकारी मिलते ही एक्शन लिया जा सके.
बीसीसीएल के कई क्षेत्र हैं अति संवेदनशील
दरअसल जीरो कोल् लीकेज प्लान का उद्देश्य खदान से निकलने वाले कोयले की पूरी निगरानी, अवैध खनन पर रोक और अवैध परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करना हैं. इसके तहत संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी, संयुक्त छापेमारी, अवैध मुहानो को बंद करने और कोयले के परिवहन पर नजर रखने जैसे कदमों पर विशेष जोर दिया जाना है. आपको बता दें कि अवैध कोयला खनन और चोरी के मामले में बीसीसीएल के कई क्षेत्र अत्यधिक संवेदनशील हैं. इनमें बरोरा , ब्लॉक टू, कतरास, सिजुआ, लोदना , बस्ताकोला , कुसुंडा ,ई जे एरिया, गोविंदपुर क्षेत्र , निरसा प्रमुख रूप से शामिल है.
एमएमडीआर एक्ट में -क्या क्या मिली है अतरिक्त शक्तियां
फिलहाल बीसीसीएल में करीब 3000 से अधिक सीआईएसएफ के लोग तैनात है. उनकी सैलरी और वेज पर कंपनी सालाना लगभग 250 से 300 करोड रुपए खर्च करती है. अब देखना होगा कि जीरो कोल लीकेज प्लान अगर लागू हुआ, तो बीसीसीएल को कितना फायदा होगा और अवैध कोयला चोरी और तस्करी की बदौलत "धनपशु" बने लोग क्या फिर से "बिल" में दुबक जाएंगें। यहां यह भी जान लीजिए कि एमएमडीआर एक्ट यानी खान व खनिज( विकास और विनियमन) अधिनियम 1957 एक प्रमुख कानून है. इसके तहत देश में खनिजों के खनन, परिवहन, भंडारण और कारोबार को नियंत्रित किया जाता है. फिलहाल इस एक्ट के तहत सीआईएसएफ को अतरिक्त ताकत दी गई है. एक्ट के मुताबिक सीआईएसएफ और कोल इंडिया के अधिकारियों को तलाशी और जब्ती का अधिकार मिला है. संदिग्ध स्थान पर छापेमारी, अवैध कोयला उपकरण और वाहन जब्त करने की शक्ति मिली है. अवैध खनन से जुड़े मामलों में न्यायालय में शिकायत दर्ज करने का भी अधिकार मिला है.
