Jharkhand

धनबाद में कोयला चोरी पर कोयला मंत्रालय गंभीर : बीसीसीएल की रिपोर्ट क्या "मुखौटों" को करेगी बेनकाब

Satya Bhushan Singh Dhanbad
Senior Journalist
धनबाद में कोयला चोरी पर कोयला मंत्रालय गंभीर : बीसीसीएल की रिपोर्ट क्या "मुखौटों" को करेगी बेनकाब

धनबाद(DHANBAD):  सुरक्षा व्यवस्था पर कोल इंडिया की सबसे बड़ी इकाई बीसीसीएल हर एक साल लगभग 500 करोड रुपए खर्च करती है.  बीसीसीएल में सीआईएसएफ के लगभग 3000 जवान तैनात है.  यह  राशि उनके वेतन, सुरक्षा उपकरण और अन्य सुविधाओं पर खर्च किए जाते हैं.  बावजूद बड़े क्षेत्र में फैले कंपनी की कोलियारियों में  संगठित गिरोह  कोयला चोरी में लगे हुए है.  यह  अलग बात है कि बीसीसीएल में कोयला चोरी को लेकर कोयला मंत्रालय गंभीर हो गया है.   सूत्रों के अनुसार कोयला मंत्रालय ने बीसीसीएल मैनेजमेंट से रिपोर्ट मांगी है.  पूछा है कि सारी व्यवस्थाओं के बावजूद कैसे कोयला चोरी हो रही है? 

बीसीसीएल के अधिकारी जानकारी जुटाने में सक्रिय 

सूत्रों का कहना है कि मंत्रालय के गंभीर होने के बाद बीसीसीएल के विभिन्न क्षेत्रों के अधिकारियों को पूरी जानकारी देने का निर्देश दिया गया है.  जानकारी एकत्रित की जा रही है और निर्धारित समय के भीतर कोयला मंत्रालय को रिपोर्ट भेजने की तैयारी है.  आपको बता दें कि बीसीसीएल के सीएमडी मनोज अग्रवाल कई मौकों पर स्वीकार कर चुके हैं कि कंपनी के विभिन्न क्षेत्रों में अवैध खनन और कोयला चोरी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है.  इस कोयला चोरी से न केवल कंपनी को नुकसान हो रहा है बल्कि देश के राजस्व को भारी क्षति  हो रही है.   दरअसल, मंत्रालय को विभिन्न स्रोतों से जानकारी प्राप्त हुई है कि बीसीसीएल में डंके की चोट पर कोयला चोरी हो रही है. गिरोह की पीठ पर नेताओं का हाथ है.  

कोयलांचल में कई गिरोह हैं सक्रिय 
 
इस कोयला चोरी में कई संगठित गिरोह  सक्रिय है.  कोयला चोरी में दबंगता के लिए खून खराबा भी हो रहा है.  हाल के दिनों में कई जगहों पर गोली चालन और बमबारी हुई है.  धनबाद पुलिस ने भी इसे गंभीरता से लिया है और इन घटनाओं में शामिल अपराधियों के खिलाफ सीसीए के तहत कार्रवाई की फाइल आगे बढ़ चुकी है.  सूत्र तो यह भी बताते हैं कि कोयला चोरी में संगठित गिरोह मजदूरों को दूसरे जिलों से यहां लाते  हैं  और उनसे कोयला कटवाते है.  उन्हें यहां अलग-अलग जगह पर ठहराया  जाता है.  इतना ही नहीं, कोई घटना हो जाने के बाद किसी भी विवाद  से बचने में गिरोह को यह तरीका मदद भी करता है.   अब देखना है कि कोयला मंत्रालय जब गंभीर हुआ है, सीआईएसएफ और मैनेजमेंट को अधिक ताकतवर बनाया गया  तो आगे इन मुद्दों पर होता है क्या??