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Jharkhand

कोयला उद्योग: क्या अब दस सालों के लिए होगा वेतन समझौता? क्यों लग रहे कयास

Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Senior Journalist

धनबाद(DHANBAD) : कोयला उद्योग में बोनस का मामला सलटने  के बाद अब जेबीसीसीआई -12 के गठन की चर्चा तेज है.  खबर तो यह भी है कि 1 अक्टूबर को दिल्ली में इसको लेकर बैठक भी हुई है.  इस बैठक में पीएमओ के सलाहकार तरुण कपूर भी मौजूद थे.  कोयला मंत्रालय की ओर से डिपार्मेंट आफ पब्लिक इंटरप्राइजेज को भरोसा दिया गया है कि वेतन विसंगति से बचने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन समझौते की अवधि को सामान किया जाएगा।  अब तक अधिकारियों और गैर अधिकारियों के लिए अलग-अलग वेतन समझौता होता रहा है.  

अधिकारी -गैर अधिकारी में दूर हो सकती है वेतन विसंगति 

कुछ गैर अधिकारियों को अधिकारियों से अधिक वेतन होने के कारण विसंगति उत्पन्न होती रही है.  हालांकि अभी जेबीसीसीआई -12 के गठन को लेकर बहुत स्थिति स्पष्ट नहीं है.  कोल इंडिया ने जेबीसीसीआई -12 के गठन को लेकर कोयला मंत्रालय को पत्र लिखा है.  जानकारों की माने तो अगर जेबीसीसीआई का गठन हो भी जाता है, तो पहले की तरह 5 साल के लिए वेतन समझौता होने पर संदेह है.  कोयला अधिकारियों का वेतन पुनरीक्षण 10 साल का होता है.  अब लगता है कि गैर अधिकारियों के लिए भी 10 साल के लिए ही वेतन समझौता होगा।  

1 अक्टूबर को हुई बैठक के बाद बदलाव के संकेत 

सूत्रों ने बताया है कि 1 अक्टूबर को हुई बैठक के बाद ही कोयला अधिकारियों के एरियर  भुगतान को लेकर कॉल इंडिया की ओर से आदेश जारी किया गया था.  उल्लेखनीय है कि कोयला खदानों के राष्ट्रीयकरण के बाद अब तक 5-5 साल के लिए 11 कोयला वेतन समझौता हो चुका है.  सूत्र यह भी बताते हैं कि कुछ तकनीकी कारणों  से पहले तीन समझौते चार-चार साल के हुए थे.  चौथा साढ़े  साल का था और पांचवें समझौते से अब तक पांच साल के लिए समझौता लागू किया गया है.  फिलहाल कोयला उद्योग में जेबीसीसीआई  के गठन को लेकर चर्चा तेज है.  अगर अधिकारियों और कर्मियों का वेतन 10 साल के लिए होता है, तो यह कोयला उद्योग में एक बड़ा बदलाव हो सकता है.  यह बात भी सच है कि फिलहाल जो स्थिति बनी है, उसमें कोयलाकर्मियों का वेतन कई ग्रेड के अधिकारियों से अधिक हो गया है.  इसको लेकर कानूनी लड़ाई भी शुरू हुई थी.