धनबाद (DHANBAD): कोयले की बिक्री को लेकर बड़ा निर्णय होने जा रहा है. अब सोना-चांदी की ट्रेडिंग की तरह ही इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफार्म से कोयले की सीधी खरीद-बिक्री और ट्रेडिंग की जा सकती है. कोल इंडिया में अभी ई-ऑक्शन व्यवस्था लागू है और कंपनी अपने प्रोडक्शन का एक हिस्सा ई-एक्शन के जरिए खुले बाजार में बेचती है. कहा जा रहा है कि देश में कोयल के कारोबार को नई दिशा देने की तैयारी चल रही है.
कोल् ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म शुरू करने के काम में तेजी
कोल् ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म शुरू करने पर काम तेज हो गया है. यह प्लेटफार्म कोयला खरीद बिक्री की प्रक्रिया को प्रभावी बना सकता है. इसके माध्यम से उद्योगों को जरूरत के हिसाब से कोयला खरीदने के लिए एक डिजिटल मंच मिलेगा. साथ ही बाजार आधारित मूल्य निर्धारण को भी बढ़ावा मिल सकता है. आधिकारिक सूत्रों के अनुसार कोयला एक्सचेंज शुरू होने से कोयला क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ेगी, कंपटीशन भी बढ़ेगा और खरीदार तथा विक्रेताओं को अच्छा मौका मिलेगा.
कोयला आधारित उद्योगों को मिल सकता है लाभ
सूत्रों के अनुसार बिजली, इस्पात, सीमेंट तथा अन्य कोयला आधारित उद्योगों को इसका लाभ मिल सकता है. आम उपभोक्ताओं को भी फायदा हो सकता है. उल्लेखनीय है कि कोल इंडिया अभी प्रोडक्शन के साथ-साथ ट्रांसपोर्टेशन को लेकर भी दबाव में है. कोल इंडिया कोल् गैसीफिकेशन पर भी काम कर रही है. खदानों से कोयले की ट्रांसपोर्टिंग व्यवस्था को भी बदलने की तैयारी की जा रही है. दरअसल कंपनी को प्राइवेट प्लेयरो से कड़ी प्रति स्पर्धा मिल रही है और इस प्रतिस्पर्धा में अपने को साबित करने के लिए कोल इंडिया लगातार पुरानी व्यवस्थाओं को बदल रही है.
