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Jharkhand

कोल् इंडिया बोनस: झारखंड के बैंकों में कैसे आएगी सबसे अधिक राशि ? जानिए

Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Senior Journalist

धनबाद (DHANBAD): कोयला उद्योग का जिस समय राष्ट्रीयकरण हुआ था, उस समय मैनपावर की संख्या लगभग 8 लाख थी. आज यह संख्या घटकर लगभग 2 लाख हो गई है. इस बीच कोयलाकर्मियों का बोनस बढ़कर दोगुना हो गया है. दुर्गा पूजा के करीब आते ही कोयला उद्योग में बोनस को लेकर उत्सुकता बढ़ती जा रही है. अब तक कोल इंडिया की ओर से बोनस के लिए लेटर जारी नहीं किया गया है, लेकिन उम्मीद की जा रही है कि अक्टूबर के पहले सप्ताह में बैठक होगी. कोयला उद्योग में बोनस का बजट लगभग डेढ़ हजार करोड़ का होता है. इसलिए पूजा बाजार की भी नजर इस पर टिकी होती है.

पिछले साल कोयलाकर्मियों को बोनस के मद  में 1,03,000 मिले थे
  
पिछले साल कोयलाकर्मियों को बोनस के मद में 1,03,000 मिले थे. इस बार उम्मीद की जा रही है कि यह राशि बढ़कर एक लाख दस हज़ार  हो सकती है. क्योंकि हर साल बोनस की राशि बढ़ती रही है और उस अनुपात में यह राशि वर्तमान वर्ष में 1,10,000 हो सकती है. 2015-16 में कोयला कर्मियों को 54,000 बोनस मिला था. 2025- 26 में 1,03,000 मिला यानी एक दशक में बोनस मद में लगभग दोगुनी वृद्धि हुई. 

कोल् इंडिया में फिलहाल 1,93,484 गैर अधिकारी हैं
 
जानकारी के अनुसार फिलहाल कोल इंडिया एवं अनुषंगी कंपनियों में दो लाख आठ हज़ार से कुछ अधिक मैनपॉवर हैं. इनमें 1,93,484 गैर अधिकारी हैं. बोनस सिर्फ गैर अधिकारियों को ही मिलता है. सबसे अधिक कोयला कर्मी  झारखंड में लगभग 15,000 है. बीसीसीएल, सीसीएल, सीएमपीडीआईएल एवं ईसीएल  के तीन प्रमुख परियोजना राजमहल, मुगमा और चितरा झारखंड में हैं. इसलिए बोनस मद का सबसे अधिक पैसा झारखंड में ही आएगा. झारखंड के बैंक भी टकटकी लगाए बैठे रहते हैं.

अब तक मिले बोनस का आंकड़ा कुछ इस प्रकार है
2025-26   ₹1,03,000
2024-25   ₹93,750
2023-24   ₹85,000
2022-23   ₹76,500
2021-22   ₹76,500
2020-21   ₹72,500
2019-20   ₹ 68,500
2018-19   ₹64,700
2017-18   ₹60,500
2016-17   ₹57,000
2015-16   ₹54,000