टीएनपी डेस्क (TNP DESK): सीबीआई ने सीएमपीएफओ के तत्कालीन आयुक्त अनिमेष भारती को आरोपी बनाया है. इस मामले में डीएचएफएल के पूर्व प्रमोटर कपिल वाधवान और नीरज वाधवान को नामजद आरोपी बनाया गया है. झारखंड हाई कोर्ट के 8 अक्टूबर के आदेश के बाद सीबीआई की एंटी करप्शन शाखा ने नियमित मामला दर्ज किया है. मामला दर्ज होने की सूचना मात्र से सीएमपीएफओ कार्यालय में हड़कंप भी देखा जा रहा हैं. सीबीआई ने सीएमपीएफओ के अज्ञात अधिकारियों को भी आरोपी बनाया है.
727.67 करोड नुकसान का बहुचर्चित मामला
यह मामला सीएमपीएफओ का दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड (डीएचएफएल) में निवेश के कारण 727 करोड रुपए से अधिक के नुकसान से जुड़ा हुआ है. झारखंड हाईकोर्ट ने 8 अक्टूबर को स्वतंत्र एजेंसी से जांच का आदेश दिया था. बता दें कि सीएमपीएफओ ने वर्ष 2015 से 2018 के बीच डीएचएफएल में करीब 1390 करोड रुपए का निवेश किया था. निवेश की स्थिति और वित्तीय जोखिम को देखते हुए विशेषज्ञों ने राशि वापस निकालने की सलाह दी थी. आरोप है कि सलाह के बावजूद सीएमपीएफओ प्रबंधन ने समय रहते निवेश की राशि निकालने की पहल नहीं की. इस मामले में सुनवाई के दौरान झारखंड हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच का आदेश दिया था.
अदालत ने सुनवाई के दौरान क्या कहा था ?
अदालत ने कहा था कि 727.67 करोड रुपए के नुकसान के मामले में निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच जरूरी है. अदालत ने टिप्पणी की थी कि उपलब्ध दस्तावेजों से मामला केवल नुकसान या निर्णय लेने में चूक तक सीमित नहीं दिखता है. इसमें आपराधिक साजिश, आपराधिक विश्वास घात और भ्रष्टाचार की आशंका की भी जांच जरूरी है. हाईकोर्ट ने सीबीआई को प्राथमिकी दर्ज कर सभी पहलुओं की जांच करने का निर्देश दिया था. अदालत ने स्पष्ट किया था कि विभागीय कार्रवाई आपराधिक जांच का विकल्प नहीं हो सकती. सीबीआइ ने भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी (आपराधिक साजिश), 409 (आपराधिक विश्वासघात) और 420 (धोखाधड़ी) के अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(2) सहपठित 13(1)(डी) और संशोधित धारा 7 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है.
