Jharkhand

कोयलांचल में अवैध कोयले पर CISF का शिकंजा, लगातार छापेमारी से तस्करों में हड़कंप

Saumya Shukla
Saumya Shukla
Reporter | Copy Editor

टिएनपी डेस्क(TNP DESK): झारखंड के कोयलांचल इलाकों में अवैध कोयला खनन, भंडारण और परिवहन के खिलाफ CISF ने कार्रवाई तेज कर दी है. बड़कागांव, केरेडारी, चरही-चुरचू से लेकर रामगढ़ के कुजू तक लगातार छापेमारी की जा रही है. हाल के दिनों में बड़ी मात्रा में अवैध कोयला और वाहन जब्त किए गए हैं. इससे अवैध कोयले के कारोबार से जुड़े लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं.

केंद्र सरकार से नई कानूनी शक्तियां मिलने के बाद CISF की भूमिका भी पहले से बढ़ गई है. गृह मंत्रालय के निर्देश पर नामित CISF अधिकारियों को MMDR Act की धारा 22, 23B और 24 के तहत कार्रवाई के लिए अधिकृत किया गया है. 5 जुलाई 2026 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद 'Zero Coal Leakage' अभियान के तहत कार्रवाई तेज की गई.

बड़कागांव से कुजू तक बड़ी मात्रा में कोयला जब्त

केंद्र की सख्ती के बाद झारखंड और पश्चिम बंगाल के कोयला क्षेत्रों में CISF ने कई अभियान चलाए. जुलाई में करीब तीन सप्ताह के दौरान 1,798.725 मीट्रिक टन अवैध कोयला और 84 वाहन जब्त किए गए. इसके साथ ही 21 प्रत्यक्ष शिकायत मामले दर्ज किए गए. जब्त कोयले की अनुमानित कीमत करीब 1.08 करोड़ रुपये बताई गई.

हजारीबाग के बड़कागांव में भी CISF को बड़ी सफलता मिली. 26 अगस्त की दोपहर से 27 अगस्त की सुबह तक दुर्गम वन क्षेत्र में अभियान चलाया गया. ड्रोन की मदद से अवैध कोयले के ठिकानों की पहचान की गई और 256.71 टन कोयला बरामद किया गया. इसके कुछ दिनों बाद चपरी के सुदूर वन क्षेत्र से 113.32 टन अवैध कोयला जब्त किया गया.

रामगढ़ के कुजू क्षेत्र में भी बड़ी कार्रवाई हुई. 7 और 8 अगस्त को CISF, CCL प्रबंधन और सुरक्षा टीम ने संयुक्त अभियान चलाकर टोपो और कुजू इलाके से कुल 866.152 मीट्रिक टन अवैध कोयला बरामद किया. टीम को इलाके में अवैध खनन सुरंग और उसके बाहर जमा कोयला भी मिला.

CISF की लगातार कार्रवाई के बाद स्थानीय निगरानी व्यवस्था को लेकर भी चर्चा तेज हुई है. हालांकि, किसी अधिकारी या पुलिसकर्मी की संलिप्तता को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. फिलहाल ड्रोन से निगरानी, गुप्त सूचनाओं पर छापेमारी और वाहनों की जब्ती से अवैध कोयला कारोबार पर दबाव बढ़ा है. आने वाले दिनों में भी कोयलांचल क्षेत्रों में यह अभियान जारी रहने की संभावना है.