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Jharkhand

कोयलांचल में राजनीति: विधायक श्वेता सिंह की गोतनी भाजपा में रहते हुए क्यों शामिल हुई भाजपा में? अंदरखाने क्यों हो रही चर्चा

Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Senior Journalist

धनबाद(DHANBAD):  कोयलांचल के भाजपा की राजनीति में एक नया मोड़ आ गया है.  पूर्व मंत्री समरेश सिंह की मझली  बहू परिंदा सिंह के  भाजपा में रहते हुए भाजपा में शामिल होने की  चर्चा खूब हो रही है.  पूछा जा रहा है कि परिंदा सिंह भाजपा से अलग कब हुई थी? वह तो 2023 में ही भाजपा ज्वाइन कर चुकी थी.  उनकी छोटी गोतनी  श्वेता सिंह बोकारो से फिलहाल कांग्रेस की विधायक हैं .  समरेश सिंह(अब स्वर्गीय ) के तीन पुत्र हैं.  बड़े वाले पुत्र परिवार के साथ विदेश में रहते हैं.  दो पुत्र का परिवार  बोकारो में रहता है.  श्वेता सिंह समरेश सिंह की छोटी बहू हैं और परिंदा सिंह मझली  बहू हैं. 

निगम चुनाव लड़ने को लेकर शुरू हुआ था विवाद 

 इस संबंध में जब जानकारी जुटाई गई , तो मामला सामने आया कि नगर निगम के चुनाव में भाजपा के तीन लोग मैदान में थे.  इनमें परिंदा सिंह भी शामिल थीं.  चुनाव परिणाम आने के बाद कई तरह की राजनीति हुई.  उस राजनीति में लोकल पॉलिटिक्स की वजह से परिंदा सिंह को भाजपा की बोकारो में राजनीति के मुख्य धारा से अलग कर दिया गया था.  इसके बाद नए ढंग की राजनीति शुरू हुई थी.  यह  अलग बात है कि निगम के चुनाव में झारखंड के एक दर्जन से अधिक भाजपा के लोग चुनाव लड़े थे.  लेकिन किसी को निष्कासित नहीं किया गया था .  चेतावनी तो खूब दी गई थी लेकिन कोई एक्शन नहीं हुआ था. धनबाद के निर्वाचित मेयर  संजीव सिंह भी भाजपा में रहते हुए चुनाव लड़े, वह चुनाव जीत गए.  उसके बाद भाजपा भी चुप बैठ गई.  इधर, सोमवार को नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी की मौजूदगी में पूर्व मंत्री समरेश सिंह की पुत्रवधू और कांग्रेस विधायक श्वेता सिंह की गोतनी  परिंदा सिंह भाजपा में फिर से शामिल हो गई हैं.  

समरेश सिंह में अपनी पार्टी भी बनाई थी 

यह  अलग बात है कि आजसू  नेता खगेन  महतो समेत  हजारीबाग, बोकारो के कई वरिष्ठ नेता भाजपा की सदस्यता ग्रहण की.  बाबूलाल मरांडी ने कहा कि पार्टी में शामिल होने वाले कई नेता जनसंघ   और भाजपा से जुड़े परिवारों की पृष्ठभूमि से आते है.  इसलिए अपने घर आये हैं.  बता दे कि  समरेश सिंह कोयलांचल के कद्दावर  नेता रहे थे.  पांच बार के विधायक रहे, झारखंड में मंत्री भी रहे.  वह भाजपा, बाबूलाल मरांडी की पार्टी जेवी एम, राजद  से भी चुनाव लड़ा था.  उन्होंने अपनी संपूर्ण क्रांति दल पार्टी भी बनाई थी.  इस बीच भाजपा की राजनीति को समझने वाले लोग बताते हैं कि 2023 में ही परिंदा सिंह ने अपने सैकड़ो समर्थकों के साथ भाजपा की सदस्यता ग्रहण की थी.  उस समय बाबूलाल मरांडी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष थे.  पार्टी के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री नागेंद्र त्रिपाठी थे.