Jharkhand

धनबाद में भाजपा : क्या अब ढुल्लू महतो और रागनि सिंह का विवाद खत्म हो जाएगा, नहीं तो अब क्या करेगा प्रदेश

Satya Bhushan Singh Dhanbad
Senior Journalist
धनबाद में भाजपा : क्या अब ढुल्लू महतो और रागनि सिंह का विवाद खत्म हो जाएगा, नहीं तो अब क्या करेगा प्रदेश

धनबाद(DHANBAD): सूत्रों  के अनुसार गुरुवार को रांची में धनबाद के बड़े -छोटे नेताओं को अंतिम चेतावनी मिल गई है. धनबाद भाजपा के "स्वतंत्र" महसूस कर रहे नेताओं पर अब शिकंजा कस दिया गया है.  बहुत जल्द ही धनबाद में एक बड़ा कार्यक्रम हो सकता है.  इस कार्यक्रम की खासियत यह  होगी कि एक दूसरे के खिलाफ बयानों के तीर चलाने वाले नेता भी एक मंच पर होंगे और यह संदेश देने की कोशिश होगी कि वह सभी एक हैं.  दरअसल, धनबाद भाजपा में उठे विवाद के बाद रांची में पंचायती हुई है. सूत्रों के अनुसार  इस पंचायती में प्रदेश नेतृत्व ने साफ कर दिया है कि या तो वह  सुधर जाएं, नहीं तो पार्टी अब उन्हें सुधार देगी। 

चेतावनी -सुधर जाइये ,नहीं तो पार्टी सुधार  देगी 
 
पार्टी का साफ़  कहना है कि अब भाजपा के नेताओं में गुटबाजी और एक दूसरे के खिलाफ बयानबाजी नहीं चलेगी।  यह सब राष्ट्रीय अध्यक्ष के झारखंड दौरा के पहले हुआ है.  मतलब इस पंचायती को राष्ट्रीय अध्यक्ष के दौरे से भी जोड़कर देखा जा रहा है.  सूत्रों के अनुसार रांची में दो-तीन घंटे तक पंचायती हुई.  सभी नेताओं को अपना-अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया.  आरोप- प्रत्यारोप भी खूब लगे.  बताया जाता है कि थोक  के भाव में आरोप -प्रत्यारोप किए गए.  इस बैठक में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह के अलावे धनबाद के सांसद ढुल्लू महतो ,  विधायक राज सिन्हा , विधायक रागिनी सिंह, निरसा  की पूर्व विधायक अपर्णा सेन  गुप्ता, चंदन कियारी  के पूर्व विधायक अमर बाउरी , बोकारो के पूर्व विधायक बीरंची नारायण समेत  प्रदेश के कई नेता मौजूद थे. 

बोकारो में भी शुरू हो गया है विवाद 

बता दें कि धनबाद के बाद बोकारो में भी विवाद की ज्वाला भड़क चुकी है.  धनबाद में तो परिस्थितियां  आमने-सामने की हो गई थी.  महानगर जिला अध्यक्ष के खिलाफ लगातार पुतला दहन किया जा रहा है .  उल्लेखनीय है कि धनबाद में भाजपा पूरी तरह से बिखरती दिख रही थी.  विशेष कर निगम चुनाव के बाद तो हालात और भी बिगड़ गए थे.  आरोप- प्रत्यारोप का दौर  चला, कोई सीधा आरोप लगा रहा था तो कोई अप्रत्यक्ष आरोप लगा रहा था.  जनप्रतिनिधि एक दूसरे के इलाके में घुसपैठ करने की कोशिश कर रहे थे. 
14 मई  के बाद तो मामला और बिगड़ गया.

 मामला तब और बिगड़ गया जब 14 मई  को सांसद ढुल्लू महतो के सम्मान समारोह में झरिया में कार्यक्रम आयोजित किया गया था.  इस कार्यक्रम में महानगर अध्यक्ष श्रवण राय ने विधायक रागिनी सिंह का नाम लिए बिना, इशारों -इशारों में बहुत कुछ कह दिया. इसके बाद तो विवाद ने और एक नया रूप ले लिया. महानगर अध्यक्ष के खिलाफ पुतला दहन किया जाने लगा.  विधायक रागिनी सिंह बाघमारा विधानसभा क्षेत्र में जाने लगी तो सांसद ढुल्लू महतो  झरिया विधानसभा क्षेत्र में जाकर गरजने लगे.  इन सब की बात जब प्रदेश तक पहुंची, तो प्रदेश के कान खड़े हुए और इस विवाद को खत्म करने की पहल की गई.  इसको लेकर ही पंचायती की गई.  हो सकता है कि प्रदेश के डर  से नेता हाथ तो मिला ले ,लेकिन उनका दिल कितना मिलेगा, आने  आने वाला वक्त ही बताएगा