Jharkhand

धनबाद में भाजपा-कांग्रेस : पानी जब सर से उपर हुआ तो कैसे टूटी प्रदेश की नींद, अब आगे क्या 

Satya Bhushan Singh Dhanbad
Senior Journalist
धनबाद में भाजपा-कांग्रेस : पानी जब सर से उपर हुआ तो कैसे टूटी प्रदेश की नींद, अब आगे क्या 

धनबाद (DHANBAD): धनबाद के दो राजनीतिक दलों में चल रहे विवाद के बाद प्रदेश की अब जाकर आँख खुली है. कोयलांचल में भाजपा और कांग्रेस के नेता एक दूसरे से राजनीतिक लड़ाई लड़ने के बजाय आपस में ही लड़ रहे है. पानी जब सर से ऊपर बहने लगा तो भाजपा प्रदेश कमेटी ने कोयलांचल के सभी "लड़ाकू" नेताओं को रांची बुलाया और खबरदार किया कि अब अगर कोई आपस में विरोधी बयानबाजी की, तो पार्टी कठोर निर्णय लेने को बाध्य  होगी. यह प्रदेश की भाजपा नेताओं को अंतिम चेतावनी कही जा रही है. 

धनबाद कांग्रेस में भी काम नहीं है विवाद
 
इधर, धनबाद में कांग्रेस भी दो गुट में बंट गई है. एक गुट जिला अध्यक्ष का है तो दूसरा गुट नाराज कांग्रेस के नेताओं का है. किस गुट पर किस बड़े नेता का हाथ है, इसकी अब जांच हो सकती है. इस बीच खबर निकलकर आई है कि धनबाद कांग्रेस में अंदरूनी विवाद को खत्म करने के लिए प्रदेश कांग्रेस की ओर से दो सदस्य कमेटी गठित की गई है. सुरेंद्र सिंह और एम तौसीफ को धनबाद जाकर दोनों पक्षों से बातचीत कर रिपोर्ट प्रदेश कार्यालय को देने की जिम्मेदारी दी गई है. पिछले दिनों जिला अध्यक्ष के खिलाफ असंतुष्ट खेमे ने मोर्चा खोल दिया था, तब से लेकर बैठक और बयानबाजी का दौर चल रहा है. यह बात भी सच है कि यह विवाद पिछले कई महीनो से चल रहा है. 

अगर पार्टियां निकाय चुनाव के पहले सक्रिय हुई होती तो

अगर कांग्रेस और भाजपा निगम चुनाव के पहले हरकत में आई होती, तो भाजपा समर्थित और कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों की इतनी बुरी हार  नहीं हुई होती. वैसे तो कांग्रेस में जिला अध्यक्ष की नियुक्ति के बाद से ही विवाद शुरू हो गया था. कम से कम आधा दर्जन से अधिक जिलों में मनमुटाव चल रहा है, लेकिन जिस तरह से धनबाद में बैठक और मीटिंग लगातार की जा रही है, वैसी अभी कहीं से सूचना नहीं नहीं मिल रही है. उल्लेखनीय ही कि धनबाद भाजपा के "स्वतंत्र" महसूस कर रहे नेताओं पर अब शिकंजा कस दिया गया है.  बहुत जल्द ही धनबाद में एक बड़ा कार्यक्रम हो सकता है. इस कार्यक्रम की खासियत यह होगी कि एक दूसरे के खिलाफ बयानों के तीर चलाने वाले नेता भी एक मंच पर होंगे और यह संदेश देने की कोशिश होगी कि वह सभी एक हैं.  

धनबाद भाजपा में उठे विवाद के बाद रांची में पंचायती हुई है

दरअसल, धनबाद भाजपा में उठे विवाद के बाद रांची में पंचायती हुई है. सूत्रों के अनुसार इस पंचायती में प्रदेश नेतृत्व ने साफ कर दिया है कि या तो वह सुधर जाएं, नहीं तो पार्टी अब उन्हें सुधार देगी. पार्टी का साफ़ कहना है कि अब भाजपा के नेताओं में गुटबाजी और एक दूसरे के खिलाफ बयानबाजी नहीं चलेगी. सूत्रों के अनुसार रांची में दो-तीन घंटे तक पंचायती हुई. सभी नेताओं को अपना-अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया. आरोप-प्रत्यारोप भी खूब लगे. बताया जाता है कि थोक के भाव में आरोप-प्रत्यारोप किए गए. इस बैठक में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह के अलावे धनबाद के सांसद ढुल्लू महतो ,  विधायक राज सिन्हा , विधायक रागिनी सिंह, निरसा  की पूर्व विधायक अपर्णा सेन  गुप्ता, चंदन कियारी  के पूर्व विधायक अमर बाउरी , बोकारो के पूर्व विधायक बीरंची नारायण समेत  प्रदेश के कई नेता मौजूद थे.