Jharkhand

धनबाद में BCCL का बड़ा एक्शन: जामाडोबा में हटाए जा रहे बंद रोप-वे, कबाड़ चोरी और अपराध पर लगेगी लगाम

Shreya Upadhyay  CE
Shreya Upadhyay CE
Content Writer & Copy Editor

धनबाद (DHANBAD): जिले में वर्षों से बंद पड़े बीसीसीएल (BCCL) के रोप-वे और जर्जर लोहे के ढांचों को हटाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है. जिला प्रशासन के निर्देश पर बीसीसीएल प्रबंधन ने जामाडोबा के डुमरी दो नंबर क्षेत्र में परित्यक्त रोप-वे संरचनाओं को हटाने का अभियान शुरू किया है. सुरक्षा व्यवस्था के बीच गैस कटर और अन्य मशीनों की मदद से पुराने लोहे के ढांचों को काटकर हटाया जा रहा है.

बुधवार को झरिया के जोड़ापोखर थाना क्षेत्र स्थित जामाडोबा डुमरी दो नंबर में यह कार्रवाई शुरू की गई. अभियान के दौरान बीसीसीएल अधिकारियों के अलावा सीआईएसएफ और स्थानीय पुलिस बल की भी तैनाती की गई है. किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए कार्यस्थल के आसपास बैरिकेडिंग कर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं.

सुरक्षा के लिए बन चुके थे खतरा
बीसीसीएल अधिकारियों का कहना है कि लंबे समय से बंद पड़े ये लोहे के ढांचे जर्जर हो चुके थे और लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गए थे. इसके अलावा इन संरचनाओं का इस्तेमाल कबाड़ चोरी और अन्य अवैध गतिविधियों के लिए भी किया जा रहा था. कई स्थानों पर ऐसे ढांचों को काटकर चोरी करने की घटनाएं लगातार सामने आ रही थीं.

गोलीबारी की घटना के बाद बढ़ी कार्रवाई
कुछ दिन पहले जामाडोबा डुमरी दो नंबर क्षेत्र में बंद पड़े लोहे के ढांचे की अवैध कटाई को लेकर दो गुटों के बीच विवाद हो गया था. मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच फायरिंग तक हो गई, जिसमें एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था. इस घटना के बाद प्रशासन ने परित्यक्त संरचनाओं को हटाने की प्रक्रिया में तेजी लाने का फैसला किया.

स्थानीय लोगों ने किया स्वागत
क्षेत्र के लोगों का मानना है कि इन जर्जर ढांचों को हटाने से दुर्घटनाओं, चोरी और आपराधिक गतिविधियों पर काफी हद तक रोक लगेगी. साथ ही इलाके में सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जिले के अन्य क्षेत्रों में मौजूद ऐसे परित्यक्त ढांचों को भी चरणबद्ध तरीके से हटाने की मांग की है. बीसीसीएल और प्रशासन की यह पहल न केवल सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, बल्कि इससे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने में भी मदद मिलने की उम्मीद है.

रिपोर्ट: नीरज कुमार